मारूति संयंत्र पर बवाल, प्रभावित हो सकती है स्विफ्ट की बिक्री

आपको बता दें कि बीते कल मारूति सुजुकी ने मनेसर संयत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को एक बांड पेपर पर हस्ताक्षर करने के बाद ही संयत्र में प्रवेश करने का आदेश दिया था। इस बांड पेपर पर कर्मचारी हस्ताक्षर करने को तैयार नहीं है जिसके कारण कल से भारी मात्रा में कर्मचारी संयत्र में प्रवेश नहीं पा सके है, और उत्पादन कार्य ठप्प बंद हो गया।
अभी तक मारूति सुजुकी प्रबंधन ने लगभग 26 कर्मियों को निलंबित कर दिया और पांच को बर्खास्त कर दिया है, वहीं 18 प्रशिक्षुओं की सेवा समाप्त कर दी गई। जिसके कारण कर्मचारियों के बीच प्रबंधन के नितियों को लेकर नाराजगी और बढ़ती नजर आ रही है। गौरतलब हो कि मारूति सुजुकी ने कर्मचारियों पर आरोप लगाया है कि वो उत्पादन कार्य में लापरवाही बरत रहें है जिसके कारण कारों की गुण्वत्ता में कमी आ रही है।
वहीं कर्मचारियों द्वारा कार्य न करने के कारण मारूति की लोकप्रिय हैचबैक कार स्विफ्ट का उत्पादन भी रूक गया है। गौरतलब हो कि मारूति के मनेसर संयत्र की उत्पादन क्षमता लगभग रोजाना 1200 कारों की है। यदि समय रहते संयत्र में उत्पादन कार्य शुरू नहीं किया गया तो मारूति को खासा नुकसान झेलना पड़ सकता है। इसके अलावा इस विवाद का असर मारूति सुजुकी स्विफ्ट पर भी पड़ सकता है।
जैसा कि हमने आपको पूर्व में ही अवगत करा दिया था कि भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में मारूति सुजुकी स्विफ्ट की मांग में जबरदस्त तेजी आयी है। स्विफ्ट की मांग का आलम यह है कि अभी भी स्विफ्ट डीजल के लिए ग्राहकों को लगभग 4 महिने तक का इंतजार करना पड रहा है। वहीं संयत्र में उत्पादन कार्य बंद होने के कारण यह तिथि और भी बढ़ सकती है। आगमी दो माह बाद ही त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है, और इस दौरान कारों की मांग ज्यादा होती है।


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