मारूति के मनेसर संयंत्र पर हड़ताल के एक महिने पूरे, सारी कोशिशें बेअसर

गौरतलब हो कि बीते अगस्त माह में मारूति के मनेसर संयंत्र पर कर्मचारियों और मारूति प्रबंधन के बीच विवाद का सिलसिला शुरू हुआ और 29 अगस्त को कर्मचारी हड़ताल पर चले गये। इस दौरान मारूति प्रबंधन ने कर्मचारियों पर आरोप लगाया कि वो कारों के उत्पादन में लापरवाही बरत रहें है, साथ ही साथ प्रबंधन के सुपरवाइजरों के साथ उनके व्यवहार को भी खराब बताया। इसी बीच मारूति के कुछ सुपरवाइजरों पर हमला भी किया गया। इसके बाद मारूति प्रबंधन ने कर्मचारियों को एक गुड कंडक्ट बांड पर हस्ताक्षर करने को कहा और हस्ताक्षर के बगैर संयंत्र में प्रवेश को निषेध कर दिया।
कुछ कर्मचारियों को छोड़कर इस बांड पर किसी भी कर्मचारी ने हस्ताक्षर नहीं किया, और अपनी हड़ताल जारी रखी। मारूति को इस हड़ताल से भारी नुकसान झेलना पड़ा। मारूति प्रबंधन ने हाल ही में कुछ ट्रेनी कर्मचारियों को वापस काम पर रखा लेकिन कंपनी ने उन कर्मचारियों को काम पर रखने के लिए मना कर दिया जो सुपरवाइजरों पर हमला करने के आरोपी थे। मारूति ने कई बार कर्मचारियों से प्रबंधन के संबध को ठीक करने की कोशिश की लेकिन सब कोशिशे बेनतिजा ही रहीं।
आपको बता दें कि मारूति के मनेसर संयंत्र में स्विफ्ट, स्विफ्ट डिजायर, ए-स्टार, एसएक्स4 का उत्पादन किया जाता था। लेकिन फिलहाल संयंत्र में कर्मचारियों की कमी की वजह से कंपनी केवल स्विफ्ट डीजल का ही उत्पादन कर रही हैं। गौरतलब हो कि मारूति स्विफ्ट डीजल की मांग बाजारों में बहुत है, और कंपनी ने अपनी इस लोकप्रिय हैचबैक की भारी मात्रा में बुकिंग भी कर रखी हैं।


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