मारूति को 200 करोड़ का नुकसान, खत्म हो सकती है हड़ताल

मारूति के मनेसर स्थित संयत्र में अब तक इस हड़ताल के वजह से लगभग 5400 कारों का उत्पादन प्रभावित हुआ है। इस मामले को लेकर प्रबंधन भी अब नरम रूख इख्तियार करने को मजबुर है। इस मामले को लेकर प्रबंधन और हड़ताली कर्मचारियों के बीच एक बार वार्ता भी हो चुकी है लेकिन वो बातचीत कुछ खास नतिजे पर नहीं पहुंच सकी है, लेकिन इस बातचीत में प्रबंधन अपने तेवर नरम ही रखा था।
मारूति के प्रबंधन के बातचीत से यह लग रहा है कि वो भी अब इस मामले को जल्द से जल्द निपटाने के पक्ष में है। वहीं मारूति अब हड़तालियों के नये यूनियन के गठन के मांग को भी लगभग लगभग तैयार होती नजर आ रही है। कंपनी के कर्मचारियों का कहना है कि यदि कंपनी हमारी मांगे मांग लेती है तो हम तत्काल उत्पादन शुरू कर देंगे लेकिन उनका कहना है कि हम किसी भी तरह के मौखिक शर्त को नहीं मानेंगे हम जो भी समझौता करेंगे वो लिखीत रूप से होना चाहिए।
मारूति के गुड़गाव स्थित प्लांट पर जल्द ही चुनाव होने के वाले है कुछ लोगों का मानना है कि यह सारा मामला उसी चुनाव को लेकर किया जा रहा है। हड़तालियों का कहना है कि जो यूनियन वर्तमान में है उस यूनियन पर गुड़गाव के संयत्र के कर्मचारियों का कब्जा है जो कि हम लोगों के हित में नहीं है। इसके अलांवा मनेसर संयत्र गुड़गाव से अलग है तो इसका अलग यूनियन भी होना चाहिए।
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