हड़तालों से लगातार घिरी रही मारूति सुजुकी

मारूति के मनेसर संयंत्र में जो हड़ताल जून माह में हुयी थी, उस समय कर्मचारियों का कहना था कि मनेसर संयंत्र के लिए एक अलग युनियन का गठन किया जाये। लेकिन कंपनी कर्मचारियों के इस मांग को मानने को बिलकुल तैयार नहीं थी। कर्मचारियों का मानना था कि मनेसर संयंत्र पर जिस युनियन का अधिकार हो उसमें कर्मचारियों का हित नहीं है, खैर 13 दिनों की मशक्कत के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो सका था।
29 अगस्त को एक बार फिर कुछ कर्मचारियों और संयंत्र में एक सुपरवाइजर के बीच विवाद हुआ और मामला इतना बढ़ गया कि कर्मचारियों ने सुपरवाइजर की पिटाई कर दी। यही वो मामला था जिसे कंपनी किसी भी तरह से बर्दाश्त करने को तैयार नहीं थी और एक बार फिर शुरू हो गया हड़ताल का दौर। इस बार कंपनी कर्मचारियों के सामने झुकने को बिलकुल तैयार नहीं थी। और उसने कर्मचारियों को एक गुड कंडक्ट बांड पर हस्ताक्षर करने के बाद ही संयंत्र में प्रवेश करेन का फरमान जारी कर कर दिया। फिल्हाल हड़ताली कर्मचारी गुड कंडक्ट बांड पर हस्ताक्षर करने को तैयार हो गये है, और हड़ताल समाप्त हो गयी हैं।


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