मारूति को लगा दीवाली के पहले झटका, 2,000 करोड़ रूपये का घाटा

आपको बता दें कि बीते 14 दिनो से लगातार मारूति के मनेसर संयंत्र में पिछले चौदह दिनो से लगातार चल रही हड़ताल आखिरकार बंद तो हो गई लेकिन मारूति सुजुकी को करारा झटका दे गई। आपको बता दें कि इस हड़ताल के दौरान संयंत्र में कारों उत्पादन बंद रहा जिसके चलते मारूति के मनेसर संयंत्र, गुड़गांव संयंत्र, सुजुकी पावर ट्रेन में उत्पादन कार्य पूरी तरह ठप्प रहा, जिसका परिणाम 2,000 करोड़ रूपये की भारी नुकसान के रूप में कंपनी को झेलना पड़ा।
गौरतलब हो कि इधर पांच महिनो से मारूति लगातार हड़ताल से घिरी रही है। पिछले पांच महिनों में कंपनी में कुल तीन बार हड़ताल हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बार मारूति के संयंत्रों से 6,00,00 कारों का उत्पादन प्रभावित हुआ है। मारूति को सबसे ज्यादा परेशानी अपने हैचबैक कार स्विफ्ट के उत्पादन को लेकर हुई है। मारूति ने हाल ही में स्विफ्ट को बाजारों में उतारा था। स्विफ्ट की मांग में जबरजस्त तेजी आई थी और लगभग एक लाख कारों की बुकिंग हो गई थी। लेकिन उसी बीच हड़माल ने कंपनी की कमर तोड़ दी।
इसके अलावा बात करें हडताल की तो मारुति सुजुकी प्रबंधन 64 स्थायी कर्मचारियों को वापस लेने पर सहमत हो गया है। लेकिन कंपनी अन्य 30 कर्मचारियों को वापस काम पर लेने को तैयार नहीं है। मारूति का कहना है कि करीब 1,200 अस्थायी कर्मचारियों को भी अगले 7 से 10 दिन में बहाल कर लिया जाएगा। इसके अलावा अन्य कर्मचारियों के बहाली के बारें में मारुति ने कहा कि 30 अन्य कर्मचारियों के खिलाफ आरोप गंभीर प्रकृति के हैं, समझौते के तहत ये कर्मचारी निलंबित रहेंगे।


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