मारूति मनेसर हड़ताल: कहीं खुशी कहीं गम

हम बात कर रहें हैं मनेसर संयत्र के पास ही अपनी चाय की दुकान चलाने वाले नानग राम मीना की। मीना पिछले कई वर्षो से मनेसर संयंत्र के बाहर ही एक ठेले पर खाने की थाल बेचा करते थे, उस दौरान मीना की दुकान कई लोग काम करते थे। बकौल मीना उस समय पूरी कमाई में से नौकरों आदी को देने के बाद 200 से 300 रूपये तक बच जाते थे। उन्होने बताया कि इस समय जबसे हड़ताल शुरू हुई है।
तबसे उनके खाने की थाली की मांग कम हो गई। इस दौरान उन्होने खाने की थाली बेचने के बजाए चाय और समोसे बेचना शुरू कर दिया। जिसके बाद उनकी बिक्री में शानदार इजाफा हुआ है। आपको बता दें कि इस समय मीना प्रतिदिन लगभग 1200 से 1500 रूपये की कमाई कर रहें है। एक तरह मारूति इस हड़ताल से परेशान है, और कंपनी की बिक्री में लगातार गिरावट दर्ज हो रही है, वहीं यह हड़ताल मीना के कारोबार में दोगुने से ज्यादा बढ़ोत्तरी कर रही है।
आपको बता दें कि मारूति सुजुकी पिछले पांच महिनो से कई बार अपने मनेसर संयंत्र पर हड़ताल के चलते परेशान है। गौरतलब हो कि कर्मचारी बीते शुक्रवार से हड़ताल पर बैठे हुए है, और उनकी मांग है कि कंपन ने जिन स्थाई कर्मचारियों को बर्खास्त किया था, उन्हे वापस काम पर रखे। फिलहाल प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद हड़ताली कर्मचारी संयंत्र परिसर से बाह जा चुके है, लेकिन उनकी हड़ताल अभी भी जारी है।


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