मारूति के मनेसर संयंत्र में हिंसा मामले में 15 कर्मचारी बर्खास्त, 10 निलंबित

गौरतलब हो कि बीते शुक्रवार को मारूति संयंत्र के कर्मचारी हड़ताल पर दोबारा चले गये थे। कर्मचारियों के इस हड़ताल में अन्य वेंडर कंपनियों के कर्मचारी भी उनका सर्मथन कर रहें थे। कर्मचारियों की मांग थी कि कंपनी ने जिन स्थायी कर्मचारियों को बर्खास्त किया है, उन्हे वापस काम पर ले। इसके अलावा कर्मचारियों ने कंपनी पर यह भी आरोप लगाया कि कंपनी हड़ताल के दौरान हुए समझौते के शर्तो को पूरा नहीं कर रही है।
कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी उन्हे दूसरे जगहो पर दोबारा तैनाती दे रही है। जिसके कारण कर्मचारी हड़ताल पर है। हड़ताली कर्मचारियों के समर्थन में सुजुकी पावर ट्रेन इंडिया लिमिटेड, सुजुकी मोटर साइकिल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और सुजुकी कास्टिंग प्लांट के तकरीबन आठ हजार श्रमिक रविवार को भी हड़ताल पर बैठे रहे। हालांकि समर्थन में आए ओमेक्स ऑटो, सत्यम ऑटो कंपोनेंट लिमिटेड, हाइलेक्स इंडिया ग्लोबल नेटवर्क, इंडोरेंस ट्रांसमिशन इंडिया लिमिटेड समेत अन्य कंपनियों के कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी है।
मारूति के मनेसर संयंत्र पर चल रहा यह हड़ताल और भयानक रूप ले सकता है। कयोंकि हड़ताली कर्मचारी हिंसा का रूख अख्तियार कर चुके है। जिस तरह कर्मचारियों के तेवर में बदलाव आये है, उन्हे देखकर यही कर्मचारी अपने मांगों को पूरा हुए बिना काम पर लौटने वालें नहीं है। इसके दिगर मारूति प्रबंधन जिस तरह से कर्मचारियों को बर्खास्त करने में थोड़ी से भी देर नहीं लगा रहा है, उसे देखकर यही लगता है कि मारूति प्रबंधन भी कर्मचारियों की हड़ताल के आगे झुकने को तैयार नहीं है।


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