मारूती के कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, 650 कारों का उत्पादन प्रभावित

मारूती को कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण खासा नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं कंपनी का कहना है हमे कुछ ज्यादा नुकसान नहीं हुआ क्योंकि रविवार को वैसे ही छुट्टी रहती है, और शनीवार को कर्मचारियों ने दूसरी पाली के बाद काम करना बन्द किया था। कंपनी के अनुसार कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण लगभग 650 कारों के उत्पादन पर असर पड़ा है।
मारूती के संयत्र में उठे इस बवाल का कारण कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच ठिक प्रकार से तालमेल न बैठ पाना माना जा रहा है। बीते शनीवार को कर्मचारी संय9 परिसर में ही इकठ्ठा होकर प्रबंधन के खिलाफ धरने पर बैइ गये। कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान में जो यूनियन मारूती कामगार संघ चल रही है उसमें मनेसर व गुणगांव के 5,000 से ज्यादा मजदूर है।
पर्दशनकारियों का आरोंप है वर्तमान में चल रहे यूनियन में उनके व कर्मचारियों के हितों की रक्षा नही हो सकती है, इसके अलांवा यूनियन कंपनी के पक्ष में ही अपनी नितियों को बना रहा है। अनशन पर बैठे कर्मचारियों ने प्रबंधन को एक नये यूनियन की मांग को लेकर एक हस्ताक्षर पत्र भी दिया। उनकी मांग है कि मनेसर प्लांट एक अलग संयत्र है और इसका अलग यूनियन मारूति सुजुकी इंप्लायज यूनियन (एमएसईयू) गठित करने की मान्यता दी जानी चाहिए।
गौरतलब हो कि मारूती सूजुकी मनेसर कारखाने में रोजाना 1,300 वाहनों का उत्पादन करती है। इस मामले के बाद हड़ताली कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच वार्ता भी हुयी लेकिन वो भी अभी तक बेनतिजा ही निकला है। फिलहाल मारूती अभी अपने प्रबंधन व कर्मचारियों के बीच सामन्जस्य बनाने के लिए परेशान है।
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