मारूति को भारी नुकसान, हड़ताल चौथे दिन भी जारी

मारूति के मनेसर स्थित संयत्र में बीते शनीवार को दोपहर के बाद 2000 कर्मचारी धरने पर बैठ है। कर्मचारियों की मांग है कि मनेसर संयत्र के लिए एक अलग यूनियन बनाया जाये क्योकि जो यूनियन वर्तमान में चल रहा है वो उनके हितों की रक्षा नहीं कर रही ब्लकी वो कंपनी का पक्ष ले रही है। वहीं कंपनी किसी भी सूरत में किसी अन्य यूनियन का गठन नहीं करना चाहती है।
संयत्र के सूत्रो की माने तो अभी भी स्थिती पूर्वत ही बनी हुयी है। रोजाना मारूति को इस संयत्र से 1200 कारों के उत्पादन का नुकसान हो रहा है जिसका उसर उसके शेयरों पर पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार यदि यही स्थिती बनी रही तो संयत्र को बन्द भी करना पड़ सकता है। अभी तक इस 11 कर्मचारी इस हड़ताल के भेंट चढ़ चुके है कंपनी ने उनको बर्खास्त कर दिया है।
ऑटोमोबाइल बाजार के जानकारों का मानना है कि मारूति के संयत्र में हुए इस हड़ताल का असर कंपनी के उत्पादन पर पड़ ही रहा है और विशेष कर बाजार में उसके वाहनों की मांग के अनुसार आपूर्ति पर भी असर पड़ेगा। इस तरह से मारूति को किसी बड़े नुकसान का सामना भी करना पड़ सकता है। जानकारों का मानना है कि यदि जल्द ही मारूति ने इसका कोई रास्ता नहीं निकाला तो स्थिती और बद्तर हो सकती है।


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