फोक्सवैगन संग 'मारुति ए-स्टार' हो जायेगी सुपर स्टार

ऑटोमोबाइल उघोग के अधिकारियों का कहना है कि मारूति की इन कारों में थोड़ा सा बदलाव कर इसे भारत और एशियाई बाजारों में नये ब्रांड के तहत बेचा जायेगा। स्विफ्ट, रिट्ज, एसएक्स4 और ग्रैंड विटारा के बाद सुजुकी के पांचवें वैश्विक मॉडल ए स्टार की सप्लाई के लिये जल्द ही करार पर हस्ताक्षर किये जायेंगे। फोक्सवैगन की मारुति की पेरेंट कंपनी सुजुकी में 20 फीसदी हिस्सेदारी है।
मारुति जापान की कार निर्माता निसान मोटर्स को दो वर्ष से ए-स्टार की आपूर्ति कर रही है। निसान इस कार को यूरोप में अपने खुद के नेटवर्क के जरिए पिक्सो के नाम से बेचती है। इसे देखते हुए फोक्सवैगन ने भी ए-स्टार को चुनने का फैसला लिया है। ए-स्टार को विदेशी बाजारों में ऑल्टो के नाम से बेचा जाता है। इसे मारुति सुजुकी अपने मानेसर प्लांट में बनाती है। यह कार भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर मारुति की पेरेंट कंपनी सुजुकी मोटर कॉर्प (एसएमसी) ने विशेष तौर पर विकसित की है।
यह विदेश के सभी कड़े सुरक्षा परीक्षणों, उत्सर्जन नियमों और पर्यावरण से जुड़े नियमों पर खरी उतरती है। ऑटोमोबाइल उद्योग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मारुति की इंजीनियरिंग टीम वैश्विक बाजार की जरूरतों के हिसाब में से कार में बदलाव के लिए फोक्सवैगन के साथ मिलकर काम करेगी। एक अधिकारी ने बताया कि ए स्टार के मूल डिजाइन में कुछ बदलाव हो सकते हैं लेकिन उसके तकनीक में कोई बदलाव नहीं किया जायेगा।
ऑटो इंडस्ट्री पर खास ध्यान रखने वाले जानकारों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर ए-स्टार की सफलता भारत में अपनी छोटी कार के प्रोजेक्ट को स्थगित करने वाली फोक्सवैगन के लिए फायदेमंद होगी। बताते चलें कि ए-स्टार सुजुकी के लिए वैश्विक स्तर पर काफी सफल रही है और यह इसके 20 कारों के पोर्टफोलियो में सबसे अधिक निर्यात होने वाला मॉडल है। कंपनी ने 2008 में इसके लॉन्च के बाद से इसकी तीन लाख से अधिक यूनिट बेची हैं। इसका बड़ा हिस्सा 50 विदेशी बाजारों में भेजा गया है।


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