छोटे बच्चों को खड़ी कार में छोड़ना हो सकता है खतरनाक

कुछ ऐसा ही मामला अभी कुछ दिनो पहले लेबनान के जैक्सन शहर में देखने को मिला जहां एक मां ने अपनी कार को सड़क के किनारे पार्क कर और अपने तीन साल के बच्चे को कार में छोड़ कर चली गयी। उस मां को सड़क के किनारे ही किसी दुकान पर कुछ खरीदारी करनी थी। दुर्भाग्य यह था कि उस वक्त शहर का तापमान बहुत ज्यादा था और काफी देर हो जाने के बाद बच्चा कार के अन्दर तड़पने लगा। कार के पास में खड़े किसी पुलिसकर्मी ने बच्चे को देखा तक जाकर कार की खिड़की के सीसे को तोड़कर बच्चे को निकाला जा सका।
गर्मी के मौसम में सूर्य से निकलने वाली किरणे जब कार के खिड़की के सिसों पर पड़ती और अन्दर की तरफ जाती है तो एक विकिरण शुरू होती और कार के अन्दर के तापमान को और ज्यादा बढ़ा देती है। वहीं बच्चो के शरीर का तापमान व्यस्को की तुलना में 5 गुना जल्दी गरम हो जाता है और इस दशा में यदि कोई छोटा बच्चा कार के अन्दर बन्द हो जाता है तो उसके स्वांस सबंधी समस्या शुरू हो जाती है।
इस तरह की घटनाओं को देखते हुए लेबनान सरकार ने इसे अपराध करार देते हुए इसके लिए कानून भी बना चूकी है । यदि कोई अपने 6 साल तक के बच्चे को कार के अन्दर अकेला छोड़ता है तो यह कानून के खिलाफ माना जायेगा। एक गैर सरकारी संगठन द्वारा उपलब्ध कराये गये आंकडे के अनुसार औसतन हर साल लगभग 30 बच्चे कार के अन्दर अकेले छोड़ दिये जाते है।
कैसे बचा जा सकता है इस समस्या से।
कार चलाने से पहले हमेशा अपना पर्स, या ब्रिफकेस या कोई सामान जिसकी जस्रत आपको कार से उतरने के तुरन्त बाद है उसे अपने बच्चे के साथ पिछली सीट पर रखे ताकि कार से उतरने के बाद आप सामान उठाने के लिए पिछे देखे और आपका ध्यान बच्चे पर भी जा सके कि कहीं वो कार में ही सो तो नही गया। इस तरह से आप सचेत हो जायेंगे।


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