जाने फार्मूला वन का फुल फार्मूला

By अश्‍वनी तिवारी

Know Formula 1 Racing's Full Formula
दुनिया की सबसे बेहतरीन और रोमांचकारी रेस प्रतियोगिता फार्मूला वन का आगाज देश में हो चुका है। यह प्रतियोगिता दुनिया भर में शानदार शोहरत हासिल कर चुकी है। आज से 61 वर्ष पूर्व इंग्‍लैंड के सिल्‍वेस्‍टोन से शुरू हुआ फार्मूला वन का सफर और दुनिया भर की यात्रा करने के बाद अब फार्मूला वन का पड़ाव भारत पहुंच चुका है। दुनिया भर की नजर भारत में होने वाली इस प्रतियोगिता पर है। यह प्रतियोगिता देश में पहली बार आयोजित की जा रही है। देश भर के रफ्तार प्रेमी इस आगाज का गवाह बनने को बेताब है। हालांकि देश भर में इस प्रतियोगिता ने खुब शोहरत बटोरी है, लेकिन देश में अभी भी कई लोग इस खेल के बारें में बहुत कुछ नहीं जानते है। हम आज आपको इस अंक में इस खेल से जुड़ी सभी जानकारियों के बारें में आपको बताऐंगे। फार्मूला वन के फूल फामूर्ला पर पेश है अश्‍वनी तिवारी की एक रिपोर्ट।

फार्मूला वन की शुरूआत:

फार्मूला वन रेस की शुरूआत को देखा जाये तो यह द्वितीय विश्‍व युद्व के दौरान सन 1946 में शुरू किया गया था, यह प्रतियोगिता आधिकारिक रूप किसी भी चैंपियनशीप के लिए आयोजित नहीं की गई थी। उसके बाद सन 1950 में यूके के स्लिवरस्‍टोन से यह सफर शुरू किया गया। लेकिय इस आयोजन ने सन 1950 में बड़ा रूप लिया और दुनिया भर में इस पहचान मिली जो कि आज भी बदस्‍तूर जारी है। इस प्रतियोगिता का आयोजन (एफआईए)फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल ऑटोमोबाइल नाम की संस्‍था करती है। इस संस्‍था की स्‍थापना सन 1904 में की गई थी, और वर्तमान में एफआईए के अध्‍यक्ष जॉन टॉट है। दुनिया भर में इस प्रतियोगिता के मार्केटिंग की जिम्‍मेदारी एफआई ग्रूप के कंधो पर रहती है। इस ग्रूप के सीईओ बर्नी एकेल्‍स्‍टन है।

फार्मूला वन के प्रतिभागी:

फार्मूला वन दुनिया की सबसे बड़ी रेस प्रतियोगिता है। इसे सभी देशों में आयोजित नहीं किया जा सकता है। सबसे खास बात यह है कि इस प्रतियोगिता में वहीं चालक भाग ले सकते है जिन्‍हे सूपर लाइसेंस प्राप्‍त होता है। क्‍यों‍कि यह मौत की सड़क पर जिंदगी की दौड़ होती है। इस प्रतियोगिता के दौरान कारों की स्‍पीड लगभग 350 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है, जहां जरा सी भी चूक आपके साथ-साथ दूसरों को भी मौत के मूंह में धकेल सकती हैं।

भारत में आयोजित होने वाले इस प्रतियोगिता में इस बार दुनिया भर की 12 टिमें हिस्‍सा लेंगी। जिसमें 24 चालक शामिल है। हर टिम में दो मुख्‍य चालक और दो टेस्‍ट चालक होते है, जिन्‍हे जरूरत पड़ने पर मैदान में भी उतारा जा सकता है। इस प्रतियोगिता में पहली भारतीय टीम सहारा फोर्स इंडिया भी हिस्‍सा ले रही है। आगामी 30 अक्‍टूबर को यह सभी टीमें नोएडा के बुद्व इंटरनेशनल सर्किट रेस ट्रैक पर फर्राटा भरने के लिए उतरेंगी।

फार्मूला वन का अंकगणित:

किसी भी खेल में हार या जीत दो ही पक्ष होते है, जिसमें हारने वालों की संख्‍या बहुतो की हो सकती है, लेकिन जीत किसी एक को ही हासिल होती है। यह सब कुछ निर्भर करता के प्रतियोगिता के कायदे-कानून पर। इस प्रतियोगिता में भी खिलाडियों को उनके प्रदर्शन के अनुसार उन्‍हे अंक दिये जाते है आखिर में अंको का योग किया जाता है और विजेता का चयन होता है। हम यहां पर एक सारणी से आपको फार्मूला वन के इस अंकगणित के बारें में बता रहें है।

कैसे दिये जाते है अंक:

यह अंक चालको को प्रतियोगिता के दौरान प्राप्‍त स्‍थान के अनुसार दिया जाता है।

स्‍थान अंक
प्रथम 25
द्वितीय 18
तृतीय 15
दंसवा 01

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Article Published On: Thursday, October 20, 2011, 13:53 [IST]
English summary
Formula 1 racing that started way back in 1950 has finally reached India after 61 years. Here are some historical highlights and interesting facts of Formula 1. FIA is the global administrator of F1 tournament. There are 12 teams participating in the race with two drivers per team. The top ten finishers of a race are given points. The Indian Formula 1 grand prix will be held at the Buddh International Circuit in Noida on October 30th.
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