होंडा की तकनीकी में लगातार खामियां, कहीं प्रभावित न हो बिक्री

गौरतलब हो कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब होंडा ने तकनीकी खामियों के चलते बाजारों से अपने कारों को वापस लिया हैं। इसके पहले भी तकनीकी के मामले में बेहतर जानी जाने वाली इस कंपनी ने कई बार अपनी कारों को वापस लिया हैं। आपको बता दें कि हाल ही में फरवरी 2011 में भी कंपनी ने इंजन में आयी खामियों के चलते लगभग 57, 853 कारों को वापस लिया था। उसके बाद इस बार होंडा ने अपने 72,000 से भी ज्यादा सिटी कारों खराब विंडो स्वीच के कारण वापस ले रही हैं।
होंडा के अनुसार कारों की इस वापसी की सूची में उन्ही कारों को शामिल किया गया है, तो कि 2005 और 2007 के बीच बेची गयी हैं। गौरतलब हो कि होंडा की कंपनी ने पिछले साल भारत में 8,500 कारों को वापस लिया था. ये मॉडल साल 2007 में बेचे गए थे. होंडा की यह सिडान कार सिटी भारतीय बाजार में शानदार पर्दशन कर रही हैं, उसी बीच कारों में आ रही इस तरह की खामियां कंपनी के विश्वसनीय ग्राहकों के मन में सवाल जरूर पैदा कर सकते है जिसका सीधा असर कंपनी की बिक्री पर पड़ेगा।
इतना ही नहीं होंडा ने सन 2009 में तकनीकी खामियों के चलते दुनिया भर से एक बार में ही लगभग एक करोड़ साठ लाख कारों को वापस लिया था। प्रश्न यह है कि, आखिर तकनीकी में इतनी तेज होंडा कंपनी अपने संयंत्रों में अपने कारों में पायी जाने वाली खामियों को क्यों नहीं देख पाती है? आये दिन कंपनी को बाजारों से अपनी कारों को वापस क्यों लेना पड़ता हैं? आज के समय में कोई भी कार मालिक यह नहीं चाहेगा कि पैसे खर्च करने के बाद भी वो कंपनी की कमजोर तकनीकी के कारण अपने शौक को पूरा करने से वंचित रहे।


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