हड़तालियों पर चला सरकार का डंडा, हड़ताल को अवैध कारार दिया

मारूति के मानेसर संयत्र के अन्दर लगभग 2,500 कर्मचारी हड़ताल पर बैठे है और संयत्र के बाहर अन्य कंपनियों के कम्चारियों की यूनियन धरना प्रर्दशन कर रही है। वहीं मानेसर में हुए इस हड़ताल को लेकर स्थानीय प्रसासन भी सचेते है मौके पर भारी पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। सरकार इस मामले में कर्मचारियों को आगाह कर चुकी है कि यह हड़ताल असंवैधानिक है और इस मामले को कर्मचारियों को लेबर कोर्ट में लेकर जाना चाहिए।
सरकार के साथ मारूति भी इस मामलें में अपना रूख लगभग साफ हो गये है मारूति किसी भी शर्त पर हड़तालियों की मांगों को मानने को तैयार नहीं है। वहीं इस हड़ताल में अन्य कंपनियों के यूनियनों का भी पुरा सर्मथन मिल गया है। अन्य यूनियनों ने सरकार को यह धमकी दी है कि यदि जल्द से जल्द इस हड़तालियों की मांगे मांग कर इस मामले का निपटारा नहीं किया गया तो वे भी प्रर्दशन करेंगे।
ज्ञात हो कि बीते शनीवार मारूति के इस संयत्र में हड़ताल जारी है और मारूति के उत्पादन पर इसका पुरा प्रभाव पड़ा है। अभी तक मारूति को 300 करोड रूपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। हड़ताल के बाद से कंपनी ने 11 कर्मचारियों को बरखास्त कर दिया और कल हड़ताल के दौरान ही दो कर्मचारियों की तबियत खराब होने के कारण उन्हे स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस पुरे मामले मे सरकार अपना पक्ष साफ कर चुकी है जिसके कारण अन्य कर्मचारियों के बीच भी आक्रोश की स्थिती बनी हुयी है। ज्ञात हो कि इसके पूर्व भी मारूति के स्ंयत्र में हड़ताल हो चूकि है जो कि लगभग तीन महिने तक चली थी। हड़तालियों की मांग है कि मनेसर के प्लांट के लिए एक अन्य यूनियन का बठन किया जाये। उनका आरोप है कि वर्तमान में चल रहा यूनियन कर्मचारियों के हित के बजाये कंपनी के पक्ष मे रहता है। फिलहाल संयत्र में अभी भी स्थिती जस की तस बनी हुयी है।


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