दूसरे कार कंपनियों को भी इंजन बेचेगी जनरल मोटर्स

कंपनी भारत की अग्रणी इंजिन उत्पादक है और पुणे के नजदीक अपने तालेगांव संयंत्र में 300,000 इंजिनों का उत्पादन करती है और अब वे भारत में या अन्य देशों में आऊटसोर्सिंग साझेदार बनने पर ध्यान केन्द्रित कर रहे हैं। इस कंपनी की खास बात यह है कि यह पेट्रोल और डीजन दोनों तरह के कारों के इंजन बनाने में सक्षम है। कंपनी ने सैकड़ों मिलियन डालर का निवेश कर विगत नवम्बर में ही उत्पादन करना शुरु कर दिया था और वर्तमान में शेवरले के इंजन का निर्माण कर रही है।
कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले तीन सालों में सालाना तीन लाख कारों को बेचना उनका लक्ष्य है और यदि वह उतनी ही इंजन अलग से बेचना चाहमे हैं तो उन्हें उत्पादन में आने वाले अंतर को समाप्त करना होगा।


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