भारतीय ऑटोमोबाइल जगत के गेम चेंजर

By अश्‍वनी तिवारी

Game changers Of the Indian Auto Industry
इन्‍हे न तो कभी डर लगा, न ही कभी बड़ी से बड़ी परेशानियां इनके माथे पर बल डाल सकी। इन धूरंधरों ने अपने बेपरवाह अंदाज और शानदार निर्णय लेने की क्षमता के बूते भारतीय ऑटोमोबाइल जगत की तस्‍वीर ही बदल कर रख दी। अभी तक हमने ऑटोमोबाइल जगत के इन योद्वाओं का जिक्र केवल इनके किसी वक्‍तव्‍य, या फिर इनकी कंपनी के बिक्री रिपोर्ट या फिर इनके कंपनी से जुड़े खबरों के दौरान ही किया है।

लेकिन आज हम पहली बार इनका जिक्र व्‍यक्तिगत रूप से करने जा रहें है। भारतीय ऑटोमोबाइल जगत को नये आयाम देनें वालों की सूची काफी लंबी जिनमें से कुछ के नाम हमने चुने है, और आज इस लेख में आपको उन धूरंधरों से अवगत करायेंगे। इस सूचि में दुनिया भर से नामों को जोड़ा गया है, जिन्‍होने भारतीय ऑटोमोबाइल जगत को नई पहचान दी है। आइऐ संक्षेप में जानते है इनके बारें में।

भारतीय ऑटोमोबाइल जगत के कर्णधार-

रतन टाटा:
हर क्षेत्र में एक से बढ़कर एर दिग्‍गज होतें है, ये धूरंधर अपने शानदार हुनर और अद्भुत बुद्वी कौशल के चलते अपने साथ-साथ अपनी संस्‍था और पूरे देश का नाम विश्‍वपटल पर अंकित करते है। भारतीय ऑटोमोबाइल जगत में रतन टाटा एक ऐसा नाम है जिनका जिक्र किये बिना हम इस लेख की शुरूआत भी नहीं कर सकतें। देश की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स के चेयरमैन रतन टाटा ने भारतीय ऑटोमोबाइल जगत की एक शानदार तस्‍वीर उकेरी है।

दुनिया को सबसे सस्‍ती कार टाटा नैनो और विश्‍व की सड़को पर अपने एक से बढ़कर एक व्‍यवसायीक वाहनों को सफलता पूर्वक दौड़ाने का श्रेय रतन टाटा को प्राप्‍त है। रतन टाटा ने न केवल टाटा मोटर्स को बुलंदियो पर पहुंचाया बल्कि विश्‍वपटल पर भारतीय ऑटोमोबाइल जगत का नाम अंकित कराने में भी इनकी महत्‍वपूर्ण भूमिका है। रतन टाटा के चलते ही टाटा मोटर्स ने मशहूर ब्रिटीश कार निर्माता कंपनी लैंडरोवर और जगुआर का अधिग्रहण भी किया, और आज दुनिया भर में इस ब्रांड ने एक बार फिर से शानदार प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है।

शिंजो नाकानिशी: देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारूति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक, और सीईओ के तौर पर ऑटोमोबाइल जगत में अपनी पहचान बनाने वाले शिन्‍जो नाकानिशी ने भारतीय ग्राहकों को एक से बढ़कर एक कारों के सफर का आनंद दिया। देश की कार निर्माता कंपनी मारूति ने जब सन 1980 में जापानी वाहन निर्माता सुजुकी से हाथ मिलाया तो देश को अपनी पहली कार मारू‍ति 800 मिली जो आज भी हर मध्‍यम वर्गीय भारतीय की पहली ड्रीम कार होती है।

आनंद महिन्‍द्रा: देश की जानी मानी एसयूवी और व्‍यवसायीक वाहन निर्माता कंपनी महिन्‍द्रा एंड महिन्‍द्रा के वाइस चेयरमैन, और प्रबंध निदेशक के पद पर तैनात आनंद महिन्‍द्रा ने भारतीय ऑटोमोबाइल जगत को उन सड़को से जोड़ा जिन्‍हे देश की सरकारें भी नहीं बना सकी। महिन्‍द्रा ने भारतीय ग्रामिण क्षेत्र में अपनी कमांडर जीप से आगाज कर इस कंपनी ने केवल देश को वाहन दिये बल्कि देश के लाखों परिवार को रोजगार भी दिया। वर्तमान में भारतीय बाजार में महिन्‍द्रा चारपहिया वाहनों बोलेरो, स्‍कार्पियो, जाइलो, एक्‍सयूवी 500, के साथ-साथ दोपहिया बाजार में भी अपनी उपस्थिती दर्ज करा दी है।

एच डब्‍लू पार्क: देश की दूसरी सबसे बड़ी कार निर्माता ह्युंडई इंडिया के प्रबंध निदेशक एच डब्‍लू पार्क ने भारतीय ग्राहकों को मारूति सुजुकी के अलांवा दूसरी कंपनी का भी स्‍वाद चखाया। आपको बता दें कि पार्क ह्युंडई से पिछले आठ वर्षो से जुड़े रहे उसके बाद हाल ही में सन 2009 में उन्‍हे प्रबंध निदेशक का पद मिला। भारतीय बाजार में पार्क का अनुभव और आधुनिक सोच बिलकुल भारतीय ग्राहकों के अनुरूप है। इस दौरान कंपनी ने एक से बढ़कर एक कारों को पेश किया और हाल ही में ह्युंडई ने मारूति अल्‍टो के कड़े प्रतिद्वंदी के रूप में अपनी किफायती हैचबैक कार इऑन को भी पेश किया।

संदीप सिंह: मशहूर जापानी वाहन निर्माता कंपनी टोयोटा ने जब किर्लोस्‍कर इंडिया के साथ मिलकर भारतीय बाजार में कदम रखा तो कंपनी को खुद उम्‍मीद नहीं थी कि, भारतीय बाजार में उसे ऐसी सफलता हासलि होगी। एक ऐसा दौरा था जब कंपनी अपनी मशहूर एमयूवी इनोवा की बिक्री को लेकर परेशान थी, और इसका दबाव डीलरों पर लगातार बढ़ता ही जा रहा था। इस मुश्किल घड़ी में टोयोटा किर्लोस्‍कर इंडिया के मार्के‍टिंग एंड सेल्‍स डिपार्टमेंट की जिम्‍मेदारी संदीप सिह के कंधो पर आई। संदीप ने बहुत ही सूझ-बुझ से इनोवा का उत्‍पादन बंद कर दिया। वहीं भारतीय ग्राहकों ने इनोवा का स्‍वाद चख लिया था और लोगों ने एक बार फिर से इनोवा की मांग की जो आज भी सफलता पूर्वक जारी है।

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Article Published On: Friday, November 25, 2011, 13:37 [IST]
English summary
The Indian automobile industry has seen tremendous growth in the past few years and this growth can be attributed to the efforts of some senior individuals in the industry. Industrialists such as Ratan Tata, Anand Mahindra have guided their companies through difficult periods and have now emerged victorious with a firm hold ion their sectors. The vehicles that have been launched by these companies have not only impacted people but have also created employment to thousands.
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