मारूति को 300 करोड़ का झटका, हड़ताल सातवें दिन भी जारी

जैसी स्थिती मनेसर संयत्र में बनी हुयी है उसे देखकर हड़ताल खत्म होने के आसार कम नजर आ रहे है। इस हड़ताल की शुरूआत बीते शनीवार को हुयी थी और लगभग 2,500 कर्मचारी काम धाम छोड़कर हड़ताल पर बैठे है। हडतालियों की मांग है कि मनेसर संयत्र के लिए एक अलग युनियन का गठन किया जाये लेकिन प्रबंधन कर्मचारियों को मांगों को मानने को तैयार नहीं है।
इसके अलांवा स्थिती अब और खराब होती जा रही है। मनेसर के कम्चारियों के हड़ताल को आस पास के अन्य संयत्रों के कर्मचारियों का भी सर्मथन भी हासिल हो गया है। जानकारों का मानना है कि यदि मारूति समय रहते इस मसले को नहीं सुलझा पाती है तो यह छोटी सी चिंगारी कभी भी भयानक आग का रूप ले सकती है। हड़तालियों को स्क्ूटर इंडि़या, सोना ऑटो, हिरों होंडा आदी के कर्मचारियों ने भी समर्थन दे दिया है।
आपको बता दे कि बीते बुधवार को मनेसर प्लांट में प्रबंधन व हड़तालियों के बीच वार्ता होने की बात पर मामले में समझौते के आसार नजर आये थे लेनिक प्रबंधन ने हड़तालियों को नाजायज करार देकर मामले को और उलझा दिया। फिलहाल मारूति के मनेसर स्थित संयत्र में काम काज ठप्प होने का असर उसके शेयरों के साथ साथ उसके बाजार पर भी पड़ रहा है।
ज्ञात हो कि मनेसर संयत्र में मारूति वैगन आर, डिजायरए, ए स्टार आदी कारों का उत्पादन किया जाता है। जब से हड़ताल शुरू हुयी है तब से कारों का उत्पादन ठप्प है जिसके कारण मारूति के शोरूमों में इन कारों की कमी आ गयी है। मारूति के कार शौखिनों को शोरूमों से मायूस लौटना पड़ रहा है। मारूति को बाजार में मुद्रा के साथ साथ बाजार में अपनी साख का भी नुकसान हो रहा है।


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