दिल्ली में डीजल कारें हुयी महंगी, वाहन निर्माता हलकान

डीजल कारों मांग में तेजी आयी है, आज के समय में सभी को कार के माइलेज और उस पर रोजाना खर्च होने वाले इंधन क चिंता सता रही हैं। जहां एक तरफ सड़क पर डीजल वाहनो की संख्या में इजाफा हुआ है, वहीं डीजल की खपत भी तेजी से बढ़ी हैं। इसके अलावा डीजल कारों के ज्यादा से ज्यादा प्रयोग से वातावरण पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा हैं। जानकारों का मानना है कि इन्ही सब बातों को ध्यान में रखकर दिल्ली सरकार ने यह फैसला लिया हैं।
अब तक दिल्ली में लगभग 6 लाख रूपये तक के डीजल वाहनो पर 4 प्रतिशत रोड़ टैक्स देना होता था। लेकिन दिल्ली सरकार के नये नितियों के चलते यह टैक्स अब बढ़कर 5 प्रतिशत हो गया हैं। यानी की पहले जितना टैक्स दिया जाता था उसमें अब ग्राहको को 6,000 रूपये और बढ़ा कर देने होंगे। इसके अलावा लगभग 10 लाख रूपये तक के डीजल वाहनो पर लगने वाले टैक्स में 1.75 प्रतिशती बढोत्तरी की गयी हैं। पहले इन वाहनो के लिए 7 प्रतिशत रोड़ टैक्स देना होता था। जो कि अब बढ़कर 8.75 प्रतिशत हो गया हैं।
वहीं 10 लाख रूपये से ज्यादा के डीजल वाहनो के रोड़ टैक्स को बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया गया हैं। आपको बता दें कि दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दिक्षीत ने हाल ही में अपने बजट पेश करने के दौरान भाषण में डीजल वाहनो पर रोड़ टैक्स बढ़ाने की बात कही थी। गौरतलब हो कि एक रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में वर्तमान में लगभग 65,0000 वाहन सड़कों पर फर्राटा भरते हैं।
सरकार के इस निर्णय के कारण डीजल कार निर्माता कंपनियों की परेशानी और ज्यादा बढ़ गयी हैं। जहां ग्राहको की मांग के अनुसार वाहन निर्माताओं ने भी फटाफट डीजल वाहनो को बाजार में उतारा था। वहीं उनका मानना है कि सरकार के इस फैसले के चलते डीजल कारों की मांग में भी कमी आ सकती हैं। आपको बता दें कि पेट्रोल की कीमतों में हुए इजाफे के चलते वाहन निर्माताओं ने अपने वाहनो के डीजल वैरिएंट को बाजारों में पेश किया था। अब उन्हे इस बात का डर सता रहा है कि कहीं, अब डीजल कारों की मांग भी धीमी न पड़ जाये।


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