कार बाजार फिर होगा गर्म, अगले वर्ष बढ़ेगी कारों की बिक्री

इस वर्ष भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार देश में बढ़ते इंधन के कीमत से लगातार परेशान रहा है। वहीं बैंकों ने भी वाहनो की खरीद के लिए दिये जाने वाले कर्ज की दर में भी बढ़ोत्तरी की जिसका सीधा असर कारों की बिक्री पर पड़ा। लेकिन अगला वर्ष कार बाजार के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आ रहा है। डेलायट ने अपनी एक रपट में कहा है कि विभिन्न कारणों के चलते पिछले कुछ महीनों में यात्री कारों की बिकी घटी है।
इन कारणों में खर्च योग्य आय में कमी, ब्याज दर व ईंधन कीमतों में वृद्धि शामिल है। इसमें कहा गया है कि वित्त वर्ष 2011-12 में कारों की बिकी में वृद्धि सिर्फ 2-3 प्रतिशत होगी जबकि 2010 में यह 30 प्रतिशत रही थी। इसके अनुसार पेट्रोल मूल्य नियंत्रण मुक्त किए जाने के बाद ईंधन कीमतें 34 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है। मुद्रास्फीति दबाव के चलते बैंकों ने उधारी दरों में लगातार वृद्धि की है और नये कार कर्ज के लिए ब्याज दरें 13-14 प्रतिशत हैं। फर्म का कहना है कि भारत में कारों का इस्तेमाल अपेक्षाकृत कम है इसलिए यहां भविष्य में बिक्री बढेगी ही।


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