आम बजट के बाद ऑटोमोबाइल सेक्टर में मचेगा कोहराम

हम सब जानते हैं कि बजट का सीधा संबंध शेयर बाजारों से है और इसके पेश होने के बाद कई सेक्टरों के शेयर बढ़ेंगे तो जाहिर है कई सेक्टोरं के शयेर गिरेंगे भी, लेकिन यह सब निर्भर करेगा बजट प्रस्तावों पर और संबंधित सेक्टरों के व्यवहार पर। ऑटोमोबाइल सेक्टर की बात करें तो सबसे पहले हम लेते हैं तेजी से बढ़ते हुए ऑटोमोबाइल उद्योग को। इसका विकास चौतरफा हो रहा है लेकिन इस बजट में इस पर एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी की पूरी संभावना है ऐसे में इस सेक्टर के शेयरों पर बुरा असर पड़ सकता है और ये गिर सकते हैं।
लेकिन सरकार अगर सड़क निर्माण पर जोर देती है तो ट्रकों तथा बड़े वाहन बनाने वाली कंपनियों के शेयर चढ़ सकते हैं। अब बात करते हैं पेट्रोल-डीजल की जिसके ऊपर पूरी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री टिकी हुई है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में एक बार फिर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने लगे हैं। जाहिर है केंद्र सरकार इन कीमतों के कारण बढ़ने वाले पेट्रोल के दाम अपनी जेब से नहीं देगी। इस बजट में केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल के दाम एक बार फिर बढ़ाने की फिराक में है।
अगर ऐसा हुआ तो हाहा कार मच जाएगा। यही नहीं एलपीजी पर सब्सिडी हटाने की पूरी तैयारी हो चुकी है। इससे साफ संकेत हैं कि एलपीजी सिलंडर पर चलने वाली कारों के लिए लॉन्ग ड्राइव जरूर महंगी हो जाएगी। हम आपको बता दें कि सब्सिडी हटाने के लिए सरकार की मुहिम कर्नाटक से शुरू भी हो चुकी है। यहां पर गरीबी रेखा से नीचे व ऊपर के एलपीजी उपभोक्ताओं को चिन्हित किया जा रहा है।
ऐसे ही अभियान अन्य राज्यों में जल्द शुरू होंगे और उसके बाद केंद्र सीधे-तौर पर गरीबी रेखा के ऊपर वालों के लिए सब्सिडी हटा देगा। जाहिर है वाहनों के लिए बनाए गए एलपीजी सिलेंडर की रीफिलिंग भी महंगी होगी, क्योंकि कार में यात्रा करने वाले लोग गरीबी रेखा से ऊपर होते हैं। वित्तमंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार बजट के बाद बैक से मिलने वाले लोन की दरों में भी वृद्धि होने के आसार है जिसमें ऑटोमोबाइल लोन भी शामिल है।


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