ऑटोमेटिक ट्रांसमीशन और मैनुअल गियर बाक्स, कौन होगा आपके लिए बेहतर?

गेयर बाक्स एक ऐसा टूल होता है, जो कि इंजन के टॉर्क को वाहन के पहियों तक पहुंचाता है। गियर बाक्स में लगे गियर तब शिफ्ट होतें है जब हम गियर का प्रयोग क्लच के साथ करतें है। मैनुअल गियर बाक्स में हम अपने हाथों से अपनी आवयश्क्ता के अनुसार गियर बदलते है। गियर वाहन को ज्यादा से ज्यादा गति प्रदान करता है। नीचले गियर वाहन के पहियो को ज्यादा शक्ति प्रदान करता है, और वाहन को तत्काल गति देता है। जब नीचले गियर के दौरान वाहन को गति मिल जाती है तो अगले गियर वाहन के पहियों को ज्यादा से ज्यादा गति देनें में मदद करतें है। इस दौरान इंधन की खपत कम से कम होती है, इसी वजह से हमें अपनी गियर को नीचे करने की जरूरत पड़ती है जब हमें तत्काल वाहन में गति की जरूरत होती है।
इसके अलाव यदि हम ऑटोमेटिक ट्रांसमीशन की बात करें तो इसका कार्य करने का तरका अलग होता है। ऑटोमेटिक गियर बाक्स में गियर का सम्पादन तब होता है जब भी इंजन का आरपीएम एक तयशुदा गति प्रदान कर लेता है। इस दौरान हमारा गियर पर कोई भी नियंत्रण नहीं होता है। ऑटोमेटिक ट्रांसमीशन में गियर का मूवमेंट पूरी तरह वाहन की गति पर निर्भर करता है, जब भी इंजन को ज्यादा शक्ति की जरूरत होती है तो गियर ऑटोमेटिक कम हो जाता है और इसी प्रकार उपर भी हो जाता है।
ऑटोमेटिक ट्रांसमीशन का एक फायदा चालक को मिलता है कि, चालक को बार बार गियर के परिवर्तन के लिए क्लच और गियर के इस्तेमाल की जरूरत बार-बार नहीं पड़ती है। ऑटोमेटिक ट्रांसमीशन और मैनुअल गियर बाक्स के कुछ फायदे भी है और कुछ नुकसान भी। तो यदि जब भी आप वाहन चुने तो दोनों तरह के ट्रांसमीशन पर पूरा ध्यान दें। आज हम यहां पर दोनों गियर सिस्टम से जुड़े कुछ तथ्यों को लेकर पेश हुए है जो कि दोनों में से किसी एक को चुनने में पूरी मदद करेंगे।
ऑटोमेटिक ट्रांसमीशन और मैनुअल गियर बाक्स के कुछ फायदे और कुछ नुकसान:
- मैनुअल गियर बाक्स में आप अपनी इच्छानुसार गियर का प्रयोग करतें है। जब आपको लगता है कि वाहन को ज्यादा एक्सलेटर की जरूरत है तो आप गियर को कम करतें है। इसके अलावा सड़क पर किसी वाहन को ओवर टेक के दौरान जब भी तेज गति की जरूरत होती है तो आप अपने अनुसार तत्कार गियर में परिवर्तन कर इंजन को तेज गति प्रदान करतें है।
- ऑटोमेटिक ट्रांसमीशन में आपको अपने गियर की चिंता करने की कोई भी जरूरत नहीं होती है। यदि आप हाइवे पर सफर कर रहें है तो ऑटोमेटिक ट्रांसमीशन आपको और भी ज्यादा आराम प्रदान करता है। ऑटोमेटिक टांसमीशन इंजन के जरूरत के अनुसार खुद ही परिर्वतित होकर आप को बेफिक्र कर देता है।
- मैनुअल गेयर बाक्स में सब कुछ आप अपनी जरूरत के अनुसार करतें है इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि इसके प्रयोग से कम से कम इंधन की खपत होती है। क्योंकि जब आप भारी ट्रैफिक के रास्तों पर होतें है तो सड़क पर जगह के अनुसार गति और गियर दोनों ही परिवर्तित करतें है और कोशिश करतें है कि कम गियर का प्रयोग ज्यादा न करना पड़े। इससे इंधन की खपत ऑटोमेटिक ट्रांसमीशन की अपेछाकृत कम होती है।
- इसके अलावा ऑटोमेटिक ट्रांसमीशन में ठीक इसके विपरीत होता है। इस सिस्टम में गियर इंजन की गति के अनुसार परिवर्तित होता है। इसके कारण जब आप भारी ट्रैफिक में होतें है तो इंजन को उतनी गति ही नहीं मिलती है जिससे गियर को उपर पहुंचने का मौका ही नहीं मिलता। इस दौरान वाहन का गियर कम ही रहता है और हम सभी जानतें है कि कम गियर में ज्यादा इंधन की खपत होती है।
- ऑटोमेटिक ट्रांसमीशन लगे हुए वाहन की कीमत मैनुअल के मुकाबले ज्यादा होती है। हो सकता है कि ऑटोमेटिक ट्रांसमीशन आपको वाहन के प्रयोग में पूरी मदद करें लेकिन इन पर आने वाला खर्च आपको महंगा पड़ सकता है। एक तो ऑटोमेटिक ट्रांसमीशन की कीमत ज्यादा होती है उसके बाद वाहन के प्रयोग पर ज्यादा इंधन की खपत के चलते ये ग्राहकों की जेब पर और भी भारी पड़ता है।
- ऑटोमेटिक ट्रांसमीशन आपको सिर्फ हाइवे पर लांग ड्राइव पर ही मदद करता है। क्योंकि इस दौरान आपको गियर परिवर्तन करने की जरूरत नहीं पड़ती है। हाइवे पर तेज गति में आप बेफिक्र होकर अपने सफर का आनंद लेतें है। इस दौरान इंधन की खपत भी सामान्य ही होती है।


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