रतन टाटा सौंपेंगे नैनो की पहली चाबी

टाटा ने नैनो का सपना 2003 में देखा था और 2008 में इस बहुप्रतीक्षित कार को लांच किया गया। अब 2009 में नैनो की डिलीवरी की जा रही है। नैनो ने अपनी यात्रा कई अड़चनों के बाद पूरी की है। पिछले साल दिल्ली आटो एक्सपो में इस कार को पहली बार पेश किया गया था।
प.बंगाल के सिंगूर में नैनो के प्रस्तावित संयंत्र का ममता बनर्जी और उनकी पार्टी द्वारा पुरजोर विरोध किया गया। इस विरोध के कारण नैनो परियोजना हमेशा विवादों के घेरे में रही। विवाद के चलते नैनो परियोजना में विलंब हुआ और कार संयंत्र पश्चिम बंगाल से गुजरात स्थानांतरित कर दिया गया।
नैनो की पहली खेप टाटा मोटर्स के उत्तराखंड स्थित पंतनगर प्लांट से निकलेगी। कंपनी का इरादा पहली एक लाख कारों की डिलीवरी मार्च 2010 तक करने का है। अगली 55021 कारों की डिलीवरी के चयन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। नैनो 623 सीसी के रियर इंजन वाली है। और एक लीटर में 23 किलोमीटर दौड़ सकती है। तीन अलग-अलग संस्करणों के लिए कार की कीमत 1.23 लाख रुपये से 1. 72 लाख रुपये के बीच है।


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