निसान किक्स रिव्यू और टेस्ट ड्राइव: क्या साबित होगी हुंडई क्रेटा की सबसे तगड़ी प्रतिद्वंदी?
आपको बताते हैं कि हमारे टेस्ट ड्राइव में कार ने कैसा परफॉर्म किया और इसकी क्या खासियत है और क्या कमियां रह गई, जिसे निसान पुरा करने में चूक गया।
निसान किक्स रिव्यू और टेस्ट ड्राइव: लंबे इंतजार के बाद निसान किक्स भारत में दस्तक दे चुकी है। जी हां, लगभग दो साल पहले कई ग्लोबल मार्केट में निसान किक्स को पेश कर दिया था और तब से ही भारत में इसका इंतजार किया जा रहा था। लेकिन भारत में इसकी एंट्री को और भी दमदार बनाने के लिए ग्लोबल-स्पेक निसान किक्स के मुकाबले इसकी साइज थोड़ी ज्यादा रखी गई है और कई एडिशनल फीचर्स भी जोड़े गए हैं।
खबर है कि निसान किक्स भारत में निसान टेरानो को रिप्लेस करेगी। बता दें कि निसान टेरानो कंपनी की ओल्ड एसयूवी है जिसे कुछ सालों पहले रेनो डस्टर के साथ लॉन्च किया गया था। हालांकि तब से अब तक कार बहुत पीछे छूट चुकी है, इसमें कोई बड़ा अपडेट नहीं किया गया है। इसके साथ ही लॉन्च हुई रेनो डस्टर को कई बार अपडेट भी किया गया है और भारत में वो काफी सफल भी रही। बता दें कि रेनो भी निसान कंपनी के अंतर्गत ही आती है।

खैर, निसान किक्स पर वापस लौटते हैं और आपको बताते हैं कि हमारे छोटे से टेस्ट ड्राइव में कार ने कैसा परफॉर्म किया और इसकी क्या खासियत है और क्या कमियां रह गई, जिसे निसान पुरा करने में चूक गया। साथ ही हम जानेंगे कि क्या ये वर्तमान में इस सेगमेंट की सबसे पॉपुलर कार हुंडई क्रेटा से मुकाबला कर पाएगी?

डिजाइन और स्टाइलिंग
निसान किक्स भारत में कंपनी का पहला ऐसा प्रोडक्ट होगा जिसे ग्लोबल डिजाइन लैंगवेज पर बनाया गया है। इस बारे में आपको तब और पता चलेगा जब आप इसे कंपनी के अन्य पुराने कारों, जैसे कि निसान सनी या टेराने से कंपेयर करेंगे।
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कार को सामने से देखने पर ये काफी मॉडर्न और फ्रेश नजर आती है। इसके फ्रंट में ब्लैक्ड-आउट ग्रिल, एलईडी डीआरएल के साथ एलईडी प्रोजेक्टर हेडलैंप लगे हैं जो कि एक दुसरे से काफी तालमेल के साथ फिट किये गए हैं और काफी बढ़ियां लगते हैं। फॉग लैंप को नीचे की ओर प्लेस किया गया है और इसमें सिल्वर स्किड प्लेट भी लगे हैं जिससे कार काफी रफ और टफ नजर आती है।

साइड की ओर बढ़ें तो आपको इसकी साइज का अंदाजा होगा और साथ ही आपकी नजर जाएगी इसके फ्लोटिंग रूफ की ओर। जी हां, साइज के मामले में ये अपनी प्रतिद्वंदी हुंडई क्रेटा से थोड़ी ज्यादा लंबी और चौड़ी है। इसमें फ्लोटिंग रूफ रेल लगे हैं जो कि इसे एक स्पोर्टी लूक देते हैं।

कार के साइड से आपको इसके 17-इंच के फाइव-स्पोक डायमंड कट अलॉय व्हील्स लगे दिखेंगे जोकि काफी शानदार लगता है। निसान किक्स में 210 मिलीमीटर का ग्राउंड क्लीयरेंस और 5.2 मीटर का टर्निंग रेडियस मिलता है जो कि इस सेगमेंट में सबसे बढ़ियां कहा जा सकता है।

कार के पीछे का हिस्सा, आगे की डिजाइन से ही मिलता-जुलता है। यहां पर भी उसी डिजाइन के टेल लैंप, टफ बंपर के साथ और भी बहुत कुछ मिलता है। इसमें पीछे के कांच पर भी वाइपर दिया गया है। कुल मिलाकर लुक के मामले में कार एकदम फ्रेश और मॉडर्न लगती है।

कॉकपिट
कार के इंटीरियर की बात करें तो इसमें सबसे अहम हिस्सा होता है कॉकपिट का। इसका कॉकपिट काफी मॉडर्न और प्रीमियम है। इसमें बैठने पर आपको लगेगा कि आप बहुत ही महंगे कार में बैठे हैं।
इंटीरियर को प्रीमियम बनाए रखने के लिए इसके बटन और कंट्रोल को बहुत अच्छे से सेट किया गया है। हर कार की तरह इसमें आपको हर जगह बटन ही बटन नहीं देखने को मिलेगा। इसके डैशबोर्ड को ब्राउन लेदर की फिनिशिंग दी गई है और ये एक अच्छे क्वालिटी के ब्लैक प्लास्टिक से बनी है। इसमें कई जगह पर आपको सिल्वर एक्सेंट्स भी देखनो को मिलेंगे, पर उनका भी इस्तेमाल कम ही किया गया है। हालांकि कई पैनल को फॉक्स कार्बन फाइबर टेक्सचर दिया गया है जो कइयों को पसंद भी आ सकता है और कईयों को नहीं भी।

स्टीरियरिं व्हील को लेदर से लपेटा गया है और इसकी ग्रिपिंग बहुत बढ़ियां है। ये काफी शानदार लगता है। इस्तेमाल करने में ये आपको मर्सिडीज-बेंज W203 C-Class या W212 E-Class के कारों की तरह फील देगा। स्टीयरिंग के बटन को देखकर कई लोग कन्फ्यूज हो सकते हैं क्योंकि ये सिर्फ क्रूज कंट्रोल के लिए ही हैं। ऑडियो या टेलिफोन के कंट्रोल बटन स्टीयरिंग व्हील के पीछे अलग से लगे हैं। ये बिल्कुल अलग और कोने में दिया गया है जो बहुत लोगों को पसंद नहीं आने वाला है।

इसमें सेमी-डिजिटल इंस्ट्रूमेंट कंसोल दिया गया है, जिसके लेफ्ट में टेक्नोमीटर और राइट साइड में फ्यूल गॉग दिये गए हैं। इसके सेंटर में ही स्पीडोमीटर दिखता है जो कि टर्न सिग्नल के साथ आता है। इसके अलावा भी इसमें एक डिस्प्ले है जिसमें आप ओडोमीटर, ट्रिप, रेंज, एवरेज स्पीड ईत्यादी देख सकते हैं। निसान ने अपनी पुरी कोशिश की है कि इस इंस्ट्रूमेंट कंसोल को एक मॉडर्न लुक दिया जाए।

स्टीरियो और इंफोटेनमेंट
निसान किक्स में 8.0-इंच का प्लोटिंग टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम लगा है, जो कि अपकमिंग 2019 निसान अल्टिमा सेडान से लिया गया है। ये टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम ढे़र सारे फीचर्स के साथ आता है। ये एप्पल कारप्ले और एंड्रॉयड ऑटो को सपोर्ट करता है और साथ ही इसमें वॉइस कमांड भी दिया गया है।

इसके अलावा इसमें निसान कनेक्ट स्मार्ट एप की भी कनेक्टिविटी भी दी गई है। इस एप के जरिए आप अपने स्मार्ट फोन को कनेक्ट कर कार से जुड़ी कई जानकारियां अपने फोने में ही देख सकते हैं। जैसे की सर्विस बुकिंग और सर्विस रिमाइंडर, ड्राइव अलर्ट्स, टो-अवे अलर्ट, व्हीकल हेल्थ (इंजन, बैटरी और ब्रेक) और डोल लॉक/अनलॉक स्टेटस ईत्यादि की एक्यूरेट जानकारी अपने फोन से ही जान लेंगे।

निसान किक्स में छह स्पीकर वाला ऑडियो सिस्टम दिया गया है। ये सेगमेंट का सबसे बढ़ियां तो नहीं, पर ठीक ही है। इस ऑडियो सिस्टम के अनुभव को और बढ़ियां करने के लिए इसमें इक्वलाइजर से भी सपोर्ट किया गया है, जिसे निसान बेस इनहैंसर कहता है।

प्रैक्टिकैलिटी, कंफर्ट और बूट
इंटीरियर को उसी ब्राउन-ब्लैक डुअल-टोन थीम पर बनाया गया। इसमें चारों तरफ प्रीमियम लेदर का इस्तेमाल किया गया है जो केबिन को एक अलग ही फील देता है। इसकी लंबाई 4384 मिलीमीटर है जो कि बहुत से 5-सीटर एसयूवी से ज्यादा लंबी है। हालांकि ये चीज इसके केबिन में नहीं मिलती। बाहर से लंबी होने के बावजूद अंदर से ये साइज के अनुपात में उतनी स्पेसियस नहीं है।

आगे की सीट काफी चौड़ी और कंफ्रटेबल है। इसमें लेदर की रैपिंग की गई है और स्टीचिंग भी। ड्राइवर साइड सीट एडजेस्टेबल है और कुल मिलाकर आगेवाली सीट प्रीमियम और कंफर्टेबल लगती है।

इंटीरियर में आपको बहुत ज्यादा स्टोरेज स्पेस नहीं मिलेंगे। आगे की तरफ एक छोटा ग्लोव बॉक्स दिया गया है जिसमें आप अपने मोबाइल या अन्य सामान रख सकते हैं। इसके फ्रंट आर्मरेस्ट में भी कोई स्टोरेज नहीं दिया गया और इसको सरकाया भी नहीं जा सकता। इसके अलावा इसमें कपहोल्डर भी नहीं दिया गया है। हाालंकि दोनों दरवाजे में एक मिडियम स्टोरेज स्पेस दिया गया है जिसमें आप एक लीटर का पानी बॉटल या अन्य सामान रख सकते हैं। कार में सिर्फ एक यूएसबी पोर्ट दिया गया, जबकी पावर सॉकेट आगे और पीछे दोनों पैसेंजर को मिलता है।

क्लाइमेट कंट्रोल नॉब काफी प्रीमियम लगते हैं और इसे इस्तेमाल करने में भी आपको अच्छा लगेगा। कुल मिलाकर इसमें बहुत ज्यादा एडवास्ड फंक्शन नहीं दिये गए हैं, लेकिन ये आपको एक अच्छा अनुभव देंगे। इसका कूलिंग इफेक्ट भी अच्छा है और आगे और पीछे दोनों ओर पैसेंजर के लिए एसी वेंट्स मिलते हैं।

आगे की तरह पीछे का सीट भी कंफर्टेबल और प्रीमियम है। इसमें दो लोग आराम से बैठ सकते हैं लेकिन तीसरे पैसेंजर को बैठने में थोड़ी दिक्कर हो सकती है। पीछे के पैसेंजर के लिए हेड रूम काफी बढ़ियां हा और लेग रूम भी लगभग कंफर्टेबल ही है। यदि बीच का पैसेंजर न बैठा हो तो रियर आर्मरेस्ट का उपयोग भी किया जा सकता है। रियर आर्मरेस्ट में कप होल्डर भी मिलता है। भारत में आई निसान किक्स को भारतीय जरूरतों के हिसाब से थोड़ा बदला भी गया है और इसमें कई एडिशनल फीचर्स बी जोड़े गए हैं।

बात करें कार के सेगमेंट फर्स्ट फीचर्स की तो निसान किक्स में 360-डीगरी कैमरा लगाया गया है जो इस सेगमेंट में पहली बार है। निसान इसे अराउंड व्यू मॉनिटर कहता है। भारत में तो ये 20 लाख रुपए से कम की शायद ही किसी कार में दिया गया हो। इसकी सहायता से कार पार्किंग या ट्रैफिक में चलाने में आसानी होती है।
यहां ये बता दें कि ये फीचर्स सिर्फ कार को पीछे की तरफ अर्थात रिवर्स में चलाने पर मिलता है। बहुत ही अच्छा होता अगर इसे कभी भी और सिर्फ एक बटन दबाकर इस्तेमाल किया जा सकता।

निसान किक्स में 400 लीटर का बूट स्पेस दिया गया है, जो एक 5-सीटर एसयूवी के लिए बहुत बढ़ियां तो नहीं लेकिन ठीक ही है। इसके पीछे के रो में स्प्लीट सीट भी नहीं लगे हैं। इसका पीछे का सीट पुरा मोड़कर निश्चित ही इसके बूट स्पेस को थोड़ा बढ़ाया जा सकता है। लेकिन पीछे के सीट को भी पुरा फोल्ड करने पर वो बूट के फ्लोर के बराबर नहीं होता, जिससे थोड़ी दिक्कर हो सकती है।

इंजन, परफॉरमेंस और ड्राइविंग अनुभव
निसान किक्स में 1.5-लीटर का K9K DCi डीजल इंजन मिलता है जो भारत में बिक रही अन्य निसान-रेनो कारों की तरह ही है। ये इंजन 108 बीएचपी की पावर और 240 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करने की क्षमता रखता है और इसे 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स ट्रांसमिशन से लैस किया गया है।

इसके अलावा निसान किक्स में 1.5-लीटर के H4K पेट्रोल इंजन का भी विकल्प मिलता है, जो कि 104 बीएचपी की पावर और 142 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है। इस इंजन को भी 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स ट्रांसमिशन से लैस किया गया है। इसमें ऑटोमेटिक का विकल्प दिया जाएगा या नहीं, अभी इसकी कोई खबर नहीं है।
इसका इंनज काफी स्मूथ है लगभग निसान टेरानो की तरह ही परफॉर्म करता है। इसका टॉर्क डिलेवरी काफी बढ़ियां है और इसमें कोई टर्बो लैग भी नहीं मिलता।

निसान किक्स में जो आपको सबसे ज्यादा प्रभावित करेगा, वो है इसका ड्राइविंग डायामिक्स। जी हां, निसान के इंजिनियर्स ने इसमें वाकई अच्छा काम किया है। हाई-स्पीड ड्राइविंग में भी ये कार काफी स्टेबल रहती है और आपको एक बढ़ियां अनुभव देगी।

ड्राइविंग अनुभव को जो और भी बढ़ा देता है, वो है इसका जबरजस्त गियर परफॉरमेंस। तीसरे गियर में ही आप इसे 40 किलोमीटर प्रतिघंटे से 100 की स्पीड तक ले जा सकते हैं, वो भी बडे़ आराम से। इतना ही नहीं यदि आप टॉप गियर में भी हैं तो स्पीड कम अर्थात 80 या 90 किलोमीटर प्रतिघंटे के आस-पास भी हो तो कार एकदम स्मूथ चलती है।

कार में इको मोड भी दिया गया है जो फ्यूल बचाने में मदद करता है। इको मोड में ड्राइविंग करने पर ये पावर कम कर देता है और इसका थ्रॉटल रिस्पॉंस भी घट जाता है। जब आप ट्रैफिक में हो तो इको मोड में ड्राइविंग करना ज्यादा बढ़ियां होगा।
एक एसयूवी होने के बावजूद निसान किक्स को आप ऑफ-रोड ड्राइविंग के लिए भी ले जा सकते हैं। निसान किक्स एक फ्रंट व्हील ड्राइव कार है लेकिन फिर भी इसमें लगा हिल स्टार्ट, इंटेलिजेंट ट्रेस कंट्रोल (ट्रैक्शन कंट्रोल) और बढ़ियां ग्राउंड क्लीयरेंस इसे ऑफ-रोड ड्राइविग में मदद करते हैं। बहुत ज्यादा हार्डकोर नहीं, पर ऑफ-रोडिंग ड्राइविंग में भी ये कार अच्छा अनुभव देती है।

निसान किक्स का सस्पेंशन सेटअप भी बहुत बढ़ियां है। जैसा की ऊपर हमने बताया कि इसे भारतीय ड्रइविग कंडिशन के हिसाब से अपडेट किया गया है। तेज स्पीड पर भी ये गड्ढों पर से गुजरते समय ज्यादा झटके नहीं देती। इसके सस्पेंशन को तीन ड्राइविंग कंडिशन को ध्यान में रखते हुए ट्यून किया गया है जिसमें रफ टेरेन, स्ट्रेट टेरेन और शार्प टेरेन शामिल है। हालांकि फास्ट कॉर्नर में हमें इसके स्टीयरिंग के थोड़े झटके झेलने पड़े, जो कि नॉर्मल रोड पर नहीं अनुभव हुआ।

निसान किक्स अपने सेगमेंट की अगर सबसे बढ़ियां नहीं तो, कम से कम इतना अच्छा तो परफॉर्म करती ही है कि वो अपने प्रतिद्वंदीयों से मुकाबला कर सके।
स्पेसिफिकेशन ओवरव्यू
| Engine Size | 1.5-litre (1461cc) |
| Fuel Type | Diesel |
| No. Of Cylinders | In-line four |
| Power (bhp) | 108 @ 3850rpm |
| Torque (Nm) | 240 @ 1750rpm |
| Transmission | 6-speed manual |
| Tyres (mm) | 215/60 R17 |
| Kerb Weight (kg) | 1110 (approx.) |
| Fuel Tank Capacity (Litres) | 50 |
ओवरऑल डाइमेंशन
कीमत के रेंज में देखें तो निसान किक्स अपने सेगमेंट में निसान किक्स का डाइमेंशन सबसे ज्यादा है।
| Dimension | Scale (mm) |
| Length | 4384 |
| Width | 1813 |
| Height | 1656 |
| Wheelbase | 2673 |
| Ground Clearance | 210 |

वेरिएंट, माइलेज और कलर
वैसे निसान ने किक्स के वेरिएंट डिटेल्स तो नहीं दिये लेकिन अनुमान है कि इसे तीन वेरिएंट में उतारा जाएगा, जिसमें XE, XL और XV शामिल है। निसान टेरानो भी इसी तीन वेरिएंट में आता है। इसके कीमतों की भी कोई जानकारी नहीं है। अनुमान है कि इसे 11 से 15 लाख रुपए, एक्स-शोरूम (दिल्ली) के रेंज में लॉन्च किया जा सकता है।

माइलेज के बारे में भी निसाने ने कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं दिया, लेकिन हमारे ड्राइविंग टेस्ट में इसने 14 से 15 किलोमीटर प्रतिलीटर का माइलेज दिया है। हालांकि ट्रैफिक में ये घटकर 11 से 12 किलोमीटर प्रतिलीटर के आस-पास हो जाता है।

भारत में आई निसान किक्स के कलर डिटेल्स नहीं दिये गए हैं, लेकिन ग्लोबली जो कार बिक रही है वो 11 पेंट स्कीम के साथ आती है जिसमें 6 सिंगल टोन और 5 डुअल टोन कलर ऑप्शन मिलते हैं। इसमें केनन लाल, सिल्वर, गन मेटैलिक, काला, सफेद, बैंगनी और एस्पीयन सफेद या ब्लैक, गन मेटैलिक/मोनार्क ऑरेंज, लाल/काला, बैंगनी/दुधिया और नारंगी और काला कलर शामिल है। अनुमान है इसमें से 7 कलर तो भारत में बिक्री के लिए उपलब्ध होगा।

सेफ्टी और अन्य मुख्य फीचर्स
माइलेज और कीमत के अलावा अब भारतीय कारों में सेफ्टी की ओर भी काफी ध्यान दिया जा रहा है। इस मामले में निसान ने भी निराश नहीं किया है। इसमें सिर्फ 4 एयरबैग दिया गया है लेकिन इसका बॉडी स्ट्रक्चर काफी टफ है। ये भारत में हर तहर के ड्राइविंग कंडिशन को झेलने में सक्षम होगा। इसके अलावा भी इसमें कई सेफ्टी फीचर्स मिलते हैं जिनका ऊपर हमने जिक्र किया है।
निसान किक्स के कुछ महत्वपूर्ण फीचर्स
- निसान कनेक्ट
- ऑटोमेटिक हेडलैंप और वाइपर
- मूड लाइटिंग
- ABS+EBD+BA
- कॉर्नरिंग फॉग लैंप
- बिना चाफी के कार में एंट्री
- फंक्शनल रूफ रेल्स (100kg सामान ढ़ोने में सक्षम)
- मॉडर्न और क्लीन डैशबोर्ड डिजाइन
- जबरजस्त डायनामिक्स और हाई-स्पीड सेटेबिलिटी (ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस होने के बावजूद)
- एडेप्टेबल पावर डिलेवरी (सिटी और हाइवे पर)
- ढे़र सारे फीचर्स
- भारतीय ड्राइविंग कंडिशन के हिसाब से बनाने की कोशिश
- ऑटोमेटिक ऑप्शन का न होना
- पेडल्स एक दुसरे से काफी नजदीक हैं
- केबिन स्पेस अच्छा है लेकिन एक्सटीरियर डाइमेंशन इतना खास नहीं
- पीछे के रो में स्प्लीट सीट का न होना
- कम स्टोरेज स्पेस
- अनुमानित लॉन्च: जनवरी 2019
- अनुमानित कीमत: 11 से 15 लाख रुपए, एक्स-शोरूम (दिल्ली)
- बुकिंग डिटेल्स: 14 दिसंबर 2018 से शुरू होगा
- मैन्यूफैक्चरिंग: तमिलनाडू के चेन्नई स्थित निसान-रेनो के प्लांट में
- प्लेटफॉर्म: रेनो B0 (कैप्चर भी इसी प्लेटफॉर्म पर बनी है)

प्रतिस्पर्धा
निसान किक्स को बेहद ही कंपेटेटिव सेगमेंट में उतारा गया है। 20 लाख रुपए से नीचे की 5-सीटर एसयूवी का भारत में इस समय खासा डिमांड है और हुंडई क्रेटा इस सेगमेंट के लीडर के तौर पर देखी जाती है। हालांकि मारुति एस-क्रॉस और रेनो कैप्चर भी इसे टक्कर दे सकती है।
यहां पर निसान किक्स का उसके प्रतिद्वंदीयों से एक महत्वपूर्ण तुलना की गई है:
| Specifications | Tata Harrier | Hyundai Creta* | Maruti S-Cross |
| Engine | 1.5-litre diesel | 1.4-litre diesel | 1.3-litre diesel |
| Power (bhp) | 108 | 89 | 89 |
| Torque (Nm) | 240 | 220 | 200 |
| Transmission | 6-speed MT | 6-Speed MT | 5-speed MT |
| Length (mm) | 4384 | 4270 | 4300 |
नोट: हुंडई क्रेटा 1.6-लीटर डीजल इंजन के साथ भी उपलब्ध है जो 126 बीएचपी की पावर और 260 न्यूटन मीटर का टॉर्क देने में सक्षम है।

हमें क्या पसंद आया
हमें क्या पसंद नही आया
आपको ये जानना चाहिये

निसान किक्स ने भारत में अपना आखिरी उत्पाद कई वर्षों पहले निसान टेरानो के रूप में उतारा था। जैसा की खबर है कि निसान किक्स, टेरानो को ही रिप्लेस करने वाला है तो हम कह सकते हैं कि टेरानो के लिए इससे अच्छा रिप्लेसमेंट नहीं हो सकता था। निसान किक्स कंपनी के लिए एक ऐसा उत्पाद बन सकता है जो भारत मार्केट में निसान के अच्छे दिन ला दे। लेकिन ये तभी संभव होगा जब इसे बेहद ही किफायती दाम पर उतारा जाए। लेकिन कंपनी ने अभी इसके कीमतों का खुलासा नहीं किया है और इसके लिए हमें अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा।


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