जीप कम्पास ट्रेलहॉक फर्स्ट ड्राइव रिव्यू — एक दमदार ऑफरोड एसयूवी
भारतीय बाजार में जब वर्ष 2017 में जीप कम्पास ने अपनी उपस्थिति दर्ज की थी तभी से मिड रेंज की यह एसयूवी एफसीए के लिए भारत में अहम भूमिका निभा रही है। इस एसयूवी ने बहुत ही कम समय में भारतीय ग्राहकों के बीच लोकप्रियता हासिल कर ली है। जिसका असर महीने-दर-महीने इसकी बढ़ती बिक्री पर भी देखा जा सकता है।

पिछले कई वर्षों में जीप इंडिया ने कम्पास एसयूवी में कई बदलाव किया है। इनमें नए वेरिएंट और स्पेशल एडिशन मॉडल के साथ कई नए फीचर्स को भी जोड़ा गया हैं। हालांकि, बाजार के प्रतिस्पर्धा को देखते हुए जीप ने सबसे शानदार मॉडल कम्पास ट्रेलहॉक को भी बाजार में उतार दिया है।
कम्पास ट्रेलहॉक एसयूवी का सबसे मजबूत और सड़क पर बेहतरीन प्रदर्शन के करने वाला संस्करण है। भारत में यह सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली कारों में से एक है। हमें हाल ही में कम्पास एसयूवी के 'ट्रेल रेटेड' संस्करण चलाने का मौका मिला और पहली बार में ही इस वाहन की क्षमताओं ने हमें प्रभावित किया है। आइए पता करते हैं कि जीप कम्पास ट्रेलहॉक एसयूवी कितना अलग है?
डिजाइन व स्टाइल

अगर डिजाइन और स्टाइलिंग की बात करे, तो पहली नजर में यह स्टैंडर्ड मॉडल की एसयूवी के समान ही दिखता है। लेकिन नजदीक से देखें तो इसके अन्य पहलूओं को भी आप जान पाएंगे। ट्रेलहॉक के पिछले हिस्से पर बैजिंग दी गई है। इसके किनारे भी ट्रेल रेटेड बैजिंग के साथ आते है, जो इसकी क्षमताओं को और मजबूत बनाने में मदद करते है। इसके सामने हिस्से में स्टैंडर्ड सिग्नेचर फ्रंट ग्रिल, बी-एक्सन हेडलैंप और फॉगलैंप हैं।
ट्रेलहॉक के बोनट के बीच में बने ब्लैक डीकेल दिखता है, यह पहली नजर में ही आपका ध्यान खींचते है। कंपनी के अनुसार ब्लैक डीकेल किसी भी तरह की बाधा डालने वाली रौशनी से ड्राइवर को बचाने के लिए है।

वही वाहन में अन्य बदलाओं को देखे तो इसमें बेहतर ऑफ रोडिंग के लिए फ्रंट बंपर दिया गया है। वही इसके दूसरा सिरा आपको जीप कम्पास के स्टैंडर्ड मॉडल से बहुत अलग लगेगा। जीप कम्पास ट्रेलहॉक व्हील आर्क के साथ आता है। इसका निचले हिस्सा पर काले रंग का परत चढ़ी हुई है।

जीप कम्पास ट्रेलहॉक में कई बदलाव किया गया है, जो ध्यान देने योग्य है। यह एसयूवी ग्राउंड क्लीयरेंस के साथ आती है। साथ ही एसयूवी के स्टैंडर्ड वर्जन की तुलना में यह 27 मिमी अधिक लंबा है। इसमें डुअल टोन 17 इंच अलॉय व्हील्स लगा हुआ हैं। जो एसयूवी को ऑफ-रोडिंग के दौरान बेहतर ग्रिप प्रदान करने में मदद करता है। इसमें नए 17 इंच के फॉकन ऑल-टेरेन टायर लगाया गया है, जो ऑफ-रोडिंग और सड़क दोनों के दौरान अच्छी पकड़ प्रदान करता हैं।

इसमें नए 17 इंच के फॉकन ऑल-टेरेन टायर लगाया गया है, जो ऑफ-रोडिंग और सड़क दोनों के दौरान अच्छी पकड़ प्रदान करता हैं। इसका रियर प्रोफाइल को सामान्य परिवर्तनों के साथ रखा गया है। जिस पर नए आकार के बंपर लगा हुआ है जो डीपार्चर एंगल को बढ़ाने के साथ बेहतर ऑफ-रोड ड्राइवबिलीटी देता है। वहीं पिछले हिस्से के बंपर पर रेड टो हुक लगा हुआ है।
इंटीरियर और फीचर

ट्रेलहॉक के अंदरूनी भाग में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसमें सॉफ्ट-टच मटेरियल्स की सुविधा है, जो छूने पर प्रीमियम महसूस होता है। कम्पास ट्रेलहॉक संस्करण के केबिन के चारों तरफ रेड एक्सेंट्स है, जो ब्लैक आउटेड केबिन को आकर्षक बनाता है।
इन रेड एक्सेंट को स्पीकर सराउंड और गियर लीवर पर भी देखा जा सकता है। एसयूवी की सीट ब्लैक लेदर पर लाल रंग की सिलाई के साथ आती है, जो इसको प्रीमियम लुक देती है।

जीप कम्पास ट्रेलहॉक में कुछ बेहतरीन फीचर दिए गए है:
• 7-इंच मल्टी-इन्फॉर्मेशन डिस्प्ले
• 8.4-इंच इंफोटेनमेंट डिस्प्ले एप्पल कारप्ले और एंड्रॉयड ऑटो के साथ
• जीपीएस नेविगेशन
• क्रूज कंट्रोल
• कीलेस एंट्री इंजन स्टार्ट/स्टॉप
• बाई-जेनॉन हेडलैंप
• कॉर्नरिंग लैंप
• पैनारोमिक सनरूफ
हालांकि इसमें ऑटोमेटिक हेडलैंप और ऑटोमेटिक रेन-सेसिंग वाइपर नहीं हैं।

इसके अंदरूनी भाग में अच्छी मात्रा में स्टोरेज स्पेस है। जहां आपको चारों ओर कई कप-होल्डर, बॉटल होल्डर और स्टोरेज कंपार्टमेंट की सुविधा दी गई है। अपने स्टैंडर्ड वर्जन की तरह ही कम्पास ट्रेलहॉक भी अधिक बूट स्पेस के साथ आरामदायक फील देता है।
कंफर्ट व बूट स्पेस

कम्पास ट्रेलहॉक में पीछे की सीट भी आरामादायक है। पीछे के यात्रियों को एक केंद्रीय आर्मरेस्ट भी मिलता है, जो लंबी दूरी की यात्रा के दौरान अतिरिक्त सुविधा प्रदान करता है। कम्पास ट्रेलहॉक का बूट स्पेस 438 लीटर का दिया गया है। हालांकि, इसे 60:40 के स्प्लिट कॉन्फीगरेशन में पीछे की सीटों को मोड़कर आगे बढ़ाया जा सकता है।

जीप कम्पास ट्रेलहॉक सेफ्टी फीचर्स और उपकरण के साथ आता है। कम्पास ट्रेलहॉक के कुछ प्रमुख सुरक्षा विशेषताओं में शामिल हैं:
• मल्टीपल एयरबैग
• रिवर्स पार्किंग कैमरा
• सीट-बेल्ट चेतावनी
• हाई-स्पीड वार्निंग
• फ्रंट और रियर पार्किंग सेंसर
• आईएसओएफआईएक्स चाइल्ड-सीट माउंट्स
• क्रूज कंट्रोल
• हिल-स्टार्ट असिस्ट
• हिल-डेसिस्ट कंट्रोल
• ABS के साथ EBD
• ट्रैक्शन कंट्रोल
• स्पीड-लिमिटर
• इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक
इंजन
ट्रेलहॉक के इंजन को अब बीएस 6 मानदंडों के अनुसार बदल दिया गया है। ट्रेलहॉक का पॉवर वितरण इसके स्टैंडर्ड वर्जन से कही बेहतर है। साथ ही इसका इंजन काफी कम आवाज करता है, लेकिन स्टैंडर्ड वर्जन की तरह इसमें आपको किसी भी तरह की क्लैटरिंग नहीं मिलेगी।

बीएस-6 अपग्रेड के तहत इसमें 9-स्पीड टॉर्क-कनवर्टर ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन उपलब्ध है। जो बहुत ही मुलायम है और इससे कम आरपीएम में गियर शिफ्ट करनें में आसानी होती है। वही इसके ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन को बहुत अच्छी तरह से ट्यून किया गया है, जिससे आप शहर की धीमी गति और हाइवे की तेज रफ्तार में भी आरामदायक ड्राइविंग कर सकते है।

इसकी दक्षता को बहतरीन बनाने के लिए गियर बॉक्स को ऊपर की ओर ट्यून किया गया है। जिससे यह 2,000 से लेकर 2,500 आरपीएम की रेव-रेंज पर भी बेहतर प्रर्दशन कर सकता है। वही स्टीयरिंग की बात करे तो इसे भारतीय ड्राइविंग परिस्थितियों के अनुकूल बनाया गया है। इसका स्टीयरिंग हल्का और मुलायम है। हाइवे पर स्टीयरिंग और अधिक गति प्रदान करता है। साथ ही यह अधिक स्थिर होने के साथ आपको बेहतर आत्मविश्वास भी देता है।

जीप ने कम्पास ट्रेलहॉक के सस्पेंशन को भी बदल दिया है। यह अब अधिक मजबूत दिखती है। इसका बेहतर सस्पेंशन ड्राइवर और यात्रियों को अच्छा अनुभव देना है। हालांकि नया सस्पेंशन सड़क पर अधिक जगह लेता है। लेकिन ऑफ रोड चलने के लिए यह इसका सबसे अच्छा फीचर है।

बेहतर ऑफरोड अनुभव के लिए जीप कम्पास ट्रेलहॉक में ड्राइविंग सेट के कुछ नए मोड्स शामिल कर रहा है। जिसमें '4x4 लो', '4x4 लॉक' और 'रॉक' मोड उपलब्ध हैं। यह मड, स्नो, सैंड और ऑटो मोड जैसे स्टैंडर्ड वर्जन में एक नया बदलाव है।

जीप कम्पास ट्रेलहॉक की प्रतिस्पर्धियों में टाटा हैरियर, हुंडई क्रेटा और महिंद्रा एक्सयूवी500 शामिल है। वहीं 26 से 30 लाख रुपए की कीमत के साथ यह मुमकिन है कि ये फॉक्सवैगन टिगुआन और हुंडई टक्सन से भी टक्कर दे सकता है।


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