होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

1998 में होंडा सिटी को भारतीय बाजार में पहली बार लॉन्च किया गया था और इसके साथ ही भारतीय बाजार में परफोर्मेंस, हैंडलिंग व रिफाइंमेंट के लिए स्टैण्डर्ड सेट कर दिया था। इसके वीटेक इंजन को खूब पसंद किया गया और होंडा सिटी कल्ट बन गया।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

कंपनी ने पिछले 25 साल में इसके कई मॉडल को लॉन्च किया और वर्तमान में इसके पांचवें व चौथे जनरेशन को एक साथ बेचा जा रहा है और अब इसे नई तकनीक के साथ लाया जा रहा है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

अब, होंडा कार इंडिया ने सिटी ई: एचईवी को पेश किया है। यह एक स्ट्रांग हाइब्रिड है और माइल्ड हाइब्रिड का कोई चक्कर नहीं है। हाल ही हमनें इसके तकनीक को जाननें के लिए सिटी ई: एचईवी को चलाया और यह शानदार सेडान कैसी है इसका अनुभव किया।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

डिजाइन और स्टाइल

होंडा सिटी हाइब्रिड को पहली नजर में देखने पता चलता है कि इसके स्टैंडर्ड मॉडल का डिजाइन को हाइब्रिड में बरकरार रखा गया है। हालांकि, काफी नजदीक से देखने पर पता चलता है कि इसमें मामूली बदलाव किये गए हैं। ग्रिल के ऊपर मोटी क्रोम स्ट्रिप वाले एलईडी हेडलैम्प्स को स्टैंडर्ड मॉडल से बरकरार रखा गया है। इससे पता चलता है कि इसका ग्रिल भी स्टैंडर्ड मॉडल के जैसा है। हालांकि, अब ग्रिल में क्रोम स्लॉट के नीचे हनीकॉम्ब पैटर्न दिया गया है जो कि स्टैंडर्ड मॉडल में मिलने वाले हॉरिजोंटल स्लॉट्स से अलग है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

फॉग लैंप हाउसिंग को भी पूरी तरह से नया रूप दिया गया है और इसमें अब पंजे जैसी स्टाइल है। इसके अन्य बदलावों में नया लोगो और नीले रंग का एक्सेंट शामिल हैं ज बताते है कि ये एक हाइब्रिड कार है। साइड प्रोफाइल पर अधिकांश डिजाइन और स्टाइल भी समान हैं। इसमें ब्लैक-आउट बी-पिलर, क्रोम डोर हैंडल, शार्क-फिन एंटेना और मजबूत शोल्डर लाइन मिलती है। इसे समान 16-इंच डुअल-टोन डायमंड-कट अलॉय व्हील्स के साथ पेश किया गया है। हालांकि, पहियों पर गनमेटल ग्रे बिट्स की जगह अब ग्लॉसी ब्लैक फिनिश मिलता है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

साइड प्रोफाइल में एक बड़ा अंतर यह है कि बाएं ओआरवीएम के नीचे एक कैमरा लगा है। जब ड्राइवर बाएं टर्न-सिग्नल संकेतक को चालू करता है तो यह कैमरा इंफोटेनमेंट स्क्रीन पर इमेजरी फीड करता है। यह ड्राइवर को सुरक्षित और अधिक सूचित निर्णय लेने के लिए बाईं ओर का स्पष्ट दृश्य प्रदान करता है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

पीछे की तरफ भी ज्यादा कुछ नहीं बदला है। अब इसे बूट लिड पर लिप स्पॉइलर मिलता है, और बूट पर ब्लू एक्सेंट के साथ अपडेटेड होंडा लोगो है। इसमें 'सिटी' और 'जेडएक्स' बैजिंग भी मिलते हैं जो दर्शाते हैं कि यह टॉप-स्पेक वैरिएंट है। हाइब्रिड वेरिएंट के पहचान के लिए बूट लिड के दाईं ओर ई: एचईवी (e:HEV) बैजिंग दी गई है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

हालांकि, सबसे बड़े बदलाव के रूप में इसमें पहले से बड़ा डिफ्यूजर दिया गया है जो फॉक्स कार्बन फिनिश में आता है। कुल मिलाकर, सिटी के पांचवीं पीढ़ी पर आधारित होंडा सिटी हाइब्रिड देखने में काफी शानदार कार है और होंडा ने नए ई:एचईवी पर अधिकांश डिजाइन और स्टाइल को बनाए रखने में समझदारी दिखाई है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

कॉकपिट और इंटीरियर

जैसे ही आप होंडा सिटी हाइब्रिड के का दरवाजा खोलते हैं तो अंदर आपको डुअल टोन इंटीरियर देखने को मिलता है। कार के इंटीरियर को आइवरी और ब्लैक टोन में रखा गया है जबकि अंदर में दिया गया आइवरी लेदर फिनिश इसके इंटीरियर के लुक और फील को अधिक प्रीमियम भी बनाता है। कार की ड्राइविंग सीट पर बैठने पर आपको अहसास होगा कि यह इस सेगमेंट में सबसे साफ-सुथरा, उत्तम दर्जे का और सबसे खूबसूरत इंटीरियर में से एक है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

जब आप पहली बार इंटीरियर को देखेंगे, तो आपका ध्यान इंटीरियर के उन तत्वों की ओर आकर्षित होगा जो आइवरी लेदर से ढके हुए हैं। अंदर में आइवरी लेदर फिनिश इसके डोर पैनल के एल्बो रेस्ट, डैशबोर्ड और सेंटर कंसोल के दोनों किनारों पर मिलता है। बाकी का इंटीरियर हार्ड प्लास्टिक से तैयार किया गया है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

ड्राइवर के ठीक सामने लेदर-क्लैड स्टीयरिंग व्हील है जो आरामदायक और आकर्षक लगता है। होंडा हमेशा से ही अपनी कारों में बेहतरीन स्टीयरिंग व्हील देती है और सिटी ई:एचईवी इससे अलग नहीं है। स्टीयरिंग व्हील पर ऑडियो, वॉयस कमांड, क्रूज कंट्रोल और कुछ ADAS फीचर्स के लिए माउंटेड कंट्रोल मिलते हैं। वहीं, लेन कीप असिस्ट और अडाप्टिव क्रूज कंट्रोल के लिए समर्पित बटन दिए गए हैं।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

स्टीयरिंग व्हील के पीछे एनालॉग-डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर है, जबकि स्पीडोमीटर को एनालॉग में रखा गया है। इसके बाईं ओर 7.0-इंच का टीएफटी डिस्प्ले है जो वास्तव में कई तरह की जानकारियां प्रदान करता है। यह हाइब्रिड ड्राइव मोड, पॉवर सोर्स, ओडोमीटर, रीजेन गेज, पावर यूसेज गेज, रेंज, वर्तमान ईंधन खपत आदि सहित वाहनों से संबंधित बहुत सारी जानकारी प्रदर्शित करता है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

स्टीयरिंग व्हील के पीछे पैडल शिफ्टर्स भी हैं, लेकिन ये गियरबॉक्स के लिए नहीं हैं। डैशबोर्ड के पैसेंजर साइड पर वुडन फिनिश वाली प्लास्टिक की एक पट्टी है, जो इंटीरियर को एक प्रीमियम और शानदार स्पर्श देती है। डैशबोर्ड के बीचोंबीच 8.0-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है जो कि एप्पल कारप्ले और एंड्राइड ऑटो के साथ आता है। यह वाहन से संबंधित सभी जानकारी भी प्रदर्शित करता है और उपयोग करने में काफी आसान है। इंफोटेनमेंट का संचालन बहुत सरल है। हालांकि, कंपनी इसमें बेहतर ग्राफिक्स का उपयोग करके इसे और अधिक यूजर फ्रेंडली बना सकती थी।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

कंपनी ने एंड्रॉइड ऑटो और ऐप्पल कारप्ले के लिए वायर्ड कनेक्शन दिया है। अगर इसमें वायरलेस कनेक्टिविटी दी जाती तो इसे उपयोग करने में और आसान बनाया जा सकता था। इसके केबिन में 6-स्पीकर ऑडियो सिस्टम दिया गया है जिसका आउटपुट काफी बेहतर है। इंफोटेनमेंट सिस्टम के नीचे ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल के लिए कंट्रोल्स दिए गए हैं। एक एलसीडी स्ट्रिप पंखे की गति, तापमान, एयर-फ्लो डायरेक्शन आदि जैसी जानकारी प्रदर्शित करती है। एयर कंडीशन के नियंत्रण के लिए नॉब दिया गया हैं जिसे एल्यूमीनियम रिंग से सजाया गया है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

स्टैंडर्ड मॉडल की तुलना में सेंटर कंसोल को थोड़ा ऊपर उठाया गया है और इसमें दो कप होल्डर, दो मोबाइल फोन होल्डिंग स्लॉट, गियर लीवर और इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक स्लॉट दिए गए हैं। हालांकि, कंपनी ने इसमें वायरलेस स्मार्टफोन चार्जिंग पैड नहीं दिया है जो कि एक महत्वपूर्ण फीचर की कमी है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

प्रैक्टिकैलिटी, कम्फर्ट व बूट स्पेस

पहली जनरेशन के बाद से ही होंडा सिटी एक प्रैक्टिकल सेडान रही है। पिछले कई सालों में इसके तकनीक में बहुत विकास हुआ है लेकिन प्रैक्टिकटी को बरकरार रखा गया है। जबकि, बीते सालों में सिटी और भी आरामदेह व प्रैक्टिकल हो चुकी है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

नई होंडा सिटी ई:एचईवी में स्टोरेज के लिए कई कबीहोल्स दिए गये है। इसके डोर पॉकेट पर 1-लीटर के बोतल रखे गये है और थोड़ी सी जगह और भी बच जाती है। सेंटर कंसोल में दिए गये आर्मरेस्ट को ऊपर करने पर छोटा सा जगह दिया गया है जो कि पर्स आदि रखने के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

इसके सीटें अपने सेगमेंट की सबसे आरामदेह सीटों में से एक है और यह अनुभव किया जा सकता है। सामने की सीट अच्छी और बेहद आरामदेह है। इसके बोलस्टरिंग व थाई सपोर्ट हर ड्राइव को आरामदेह बना देते हैं।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

पीछे सीट्स का कम्फर्ट स्तर अलग आसमान पर है। आप सीट पर नहीं सीट के अंदर बैठते है, ऐसा महसूस होता है कि आम उसमें समा गये हैं। लेग रूम, नी रूम, हेड रूम सभी बेहद शानदार है, पीछे की सीट में आपको कोई खामी ढूंढने में समस्या आ सकती है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

पीछे यात्री के लिए रियर एसी वेंट्स, दो 12वाल्ट के चार्जर स्लॉट, कपहोल्डर के साथ फोल्ड किये जा सकने वाले आर्मरेस्ट दिए गये हैं। होंडा सिटी में बूट स्पेस की कभी कमी नहीं रही है लेकिन सिटी ई:एचईवी के साथ कहानी कुछ अलग है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

बूट को ड्राईवर की सीट के साइड में दिए गये लैच से या की फोब में दिए गये बटन से खोला जा सकता है। जैसे ही आप बूट खोलते है आप आश्चर्यचकित हो जाते है, यह सामान्य सिटी मॉडल के मुकाबले कम है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

इसका कारण आपको फ्लोरबोर्ड खोलते ही पता चल जाता है। इसके नीचे कुछ स्टोरेज स्पेस, स्पेयर व्हील, टूल किट व बड़ा बैटरी पैक दिया गया है। जो हाइब्रिड पॉवरट्रेन में लिथियम-आयन बैटरी पैक का उपयोग किया गया है उसे बूट में रखा गया है। इस वजह से बूट स्पेस 200-लीटर तक कम हो गया है। बूट स्पेस अब 306 लीटर का रह गया है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

इंजन परफॉर्मेंस, हाइब्रिड ड्राइवट्रेन और ड्राइविंग इंप्रेशन

जब इंजन और ड्राइवट्रेन की बात आती है तो Honda City हमेशा एक बेहद प्रभावशाली कार रही है और नया हाइब्रिड वर्जन भी अपने आप में, पर्यावरण के अनुकूल तरीके से शानदार है। यह कई मायनों में काफी क्रांतिकारी है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

Honda City e:HEV में 1.5-लीटर i-VTEC फोर-सिलेंडर पेट्रोल इंजन लगाया गया है, जो दो इलेक्ट्रिक मोटर और एक लिथियम-आयन बैटरी के साथ आता है। यह 126 बीएचपी की पावर और 253 न्यूटन मीटर का संयुक्त आउटपुट प्रदान करते हैं। यह ड्राइवट्रेन प्रणाली Honda City के लिए कई ड्राइव मोड की अनुमति देती है और कार स्वचालित रूप से और निर्बाध रूप से उनके बीच स्विच करती है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

ईवी ड्राइव:

Honda City e:HEV एक प्योर इलेक्ट्रिक वाहन के रूप में कार्य करने में सक्षम है और यह स्टॉप-एंड-गो ट्रैफिक में डिफ़ॉल्ट रूप से इस मोड में आ जाती है। इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर पर 'ईवी' इंडिकेशन दिखाई देता है और ईवी मोड में ड्राइव करना काफी आसान है। गियर लीवर को D या B मोड में स्लॉट करें और ब्रेक लीवर छोड़ दें और Honda City e:HEV बिना किसी झिझक के आगे की ओर बढ़ती है। हालांकि थ्रॉटल को दबाते ही EV मोड गायब हो जाता है, जिससे इसका हाइब्रिड मोड शुरू हो जाता है।

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हाइब्रिड ड्राइव:

Honda City e:HEV एक मजबूत हाइब्रिड है और यह अच्छी गति से शहर में चलते हुए हाइब्रिड ड्राइव का उपयोग करती है। हाइब्रिड ड्राइव में, पेट्रोल इंजन सक्रिय होता है और जनरेटर-मोटर का उपयोग करके पावर उत्पन्न करता है। उत्पन्न पावर का उपयोग पीछे की ओर लिथियम-आयन बैटरी पैक को चार्ज करने के लिए किया जाता है और वही बैटरी पहियों को चलाने वाली इलेक्ट्रिक मोटर को शक्ति प्रदान करती है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

इंजन ड्राइव:

इस ड्राइव मोड में, इलेक्ट्रिक मोटर पूरी तरह से बंद हो जाती है और क्लच लगा होता है, जिससे इंजन सीधे eCVT गियरबॉक्स के माध्यम से आगे के पहियों को चला सकता है। इस ड्राइव मोड का उपयोग राजमार्ग गति पर या भारी एक्सलरेशन के लिए किया जाता है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

वाहन तय करता है कि मौजूदा ड्राइविंग परिस्थितियों के लिए कौन सा मोड सबसे उपयुक्त है और स्वचालित रूप से उसमें स्विच हो जाता है। स्विच निर्बाध है और ड्राइविंग करते समय महसूस नहीं किया जा सकता है। हाइब्रिड से इंजन ड्राइव में स्विच करते समय किकडाउन बहुत अधिक होता है और इंजन का शोर हाई एक्सलरेशन के दौरान काफी सुनाई देता है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

वाहन में प्रोग्राम किया गया प्राथमिक लक्ष्य दक्षता में वृद्धि और उपयोग किए जा रहे ईंधन की मात्रा में कमी है। Honda के लिए एटकिंसन साइकिल इंजन पेश करने के लिए ईंधन की खपत में कमी काफी महत्वपूर्ण है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

एटकिंसन साइकिल इंजन सामान्य फोर-स्ट्रोक इंजन की तरह ही होता है, जिसमें केवल कंप्रेशन स्ट्रोक में अंतर होता है। एक सामान्य फोर-स्ट्रोक इंजन में, पिस्टन इंटेक स्ट्रोक के दौरान खींची गई सभी हवा और ईंधन को संपीड़ित करता है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

एक एटकिंसन साइकिल में, सेवन वाल्व को थोड़ी देर के लिए खुला रखा जाता है ताकि पिस्टन संपीड़न स्ट्रोक में ऊपर की ओर गति के दौरान कुछ ईंधन और हवा को इनटेक मैनिफोल्ड में वापस धकेल दे। इसके फल स्वरूप कम हवा और ईंधन जलता है, जिससे दक्षता बढ़ती है। हां, इसकी वजह से लो-एंड परफॉर्मेंस प्रभावित होती है। हालांकि, Honda City Hybrid में इलेक्ट्रिक मोटर इसकी भरपाई से कहीं अधिक है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

Honda City e:HEV में एनर्जी रीजेनरेशन भी है। ऐसा तब होता है जब गियर लीवर को 'B' में स्लॉट किया जाता है और यही वह जगह है जहां पैडल शिफ्टर्स का इस्तेमाल किया जाता है। गियर बदलने के बजाय, पैडल शिफ्टर्स का उपयोग पुनर्जनन के स्तर को बढ़ाने या घटाने के लिए किया जाता है। '+' पैडल पुनर्जनन को कम करता है जबकि '-' पैडल पुनर्जनन को बढ़ाता है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

Honda City e:HEV के साथ, ADAS फीचर्स भी इस सेगमेंट में शुरू हो गए हैं। इस सेडान में रोड डिपार्चर मिटिगेशन, कोलिजन मिटिगेशन ब्रेकिंग सिस्टम, लेन कीप असिस्ट, अडेप्टिव क्रूज़ कंट्रोल आदि जैसे फीचर्स मिलते हैं। इन फीचर्स का उपयोग करना एक बेहतर अहसास है और वे एक आकर्षण की तरह काम करते हैं। इन ADAS फीचर्स में से कुछ के लिए वाहन को कार्य करने के लिए 72km/h से अधिक की गति की आवश्यकता होती है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

हैंडलिंग में थोड़ा भी बदलाव नहीं आया है और हालांकि बैटरी पैक के वजन को समायोजित करने के लिए रियर सस्पेंशन को बदल दिया गया था, Honda City e:HEV बिल्कुल स्टैंडर्ड मॉडल की तरह हैंडल की जा सकती है। बॉडी रोल कंट्रोल में है और राइड बहुत आरामदायक है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

Honda City e:HEV पर ADAS फीचर्स का उपयोग एक रहस्योद्घाटन था और लेन कीप असिस्ट जैसे फीचर्स जहां वाहन स्टीयरिंग को समायोजित करके सड़क पर एक वक्र लेता है, निश्चित रूप से हमारे पसंदीदा में से हैं। हम निश्चित रूप से नई Honda City e:HEV के साथ अधिक समय बिताने की उम्मीद कर रहे हैं।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

सेफ्टी और प्रमुख फीचर्स

Honda ने नई City e:HEV के सुरक्षा पहलू पर काफी जोर दिया है। ADAS सुविधाओं के अलावा, इसमें कई अन्य सुरक्षा तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है।

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Honda City e:HEV सेफ्टी फीचर्स:

- होंडा सेंसिंग टेक्नोलॉजीज

- कोलिज़न मिटिगेशन ब्रेकिंग सिस्टम

- रोड मिटिगेशन सिस्टम

- लेन कीप असिस्ट सिस्टम

- एडाप्टिव क्रूज नियंत्रण

- ऑटो हाई-बीम

- ब्रेक होल्ड

- छह एयरबैग

- हिल स्टार्ट असिस्ट

- व्हीकल स्टेबिलिटी असिस्ट

- एजाइल हैंडलिंग असिस्ट

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

Honda City e:HEV मुख्य फीचर्स:

- 8.0-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट

- वायर्ड एंड्रॉइड ऑटो और ऐप्पल कारप्ले

- सिक्स-स्पीकर ऑडियो सिस्टम

- एलईडी लाइटिंग

- 7.0-इंच का टीएफटी इंफोटेनमेंट

- वन-टच सनरूफ ऑपरेशन

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

होंडा सिटी ई:एचईवी रंग विकल्प

होंडा सिटी ई:एचईवी को सिर्फ टॉप-स्पेक जेडएक्स ट्रिम में उपलब्ध कराया गया है और यह 5 रंग विकल्प में उपलब्ध कराया गया है

रेडियंट रेड मेटैलिक

मेटेरोइड ग्रे मेटैलिक

प्लेटिनम वाइट पर्ल

लूनर सिल्वर मेटैलिक

गोल्डन ब्राउन मेटैलिक

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

निष्कर्ष

होंडा सिटी शुरू से ही एक रीडिफाइनिंग कार रही है। 1998 में जब होंडा सिटी को पहली बार लाया गया था तब इसने ऐसा परफॉर्मेंस व हैंडलिंग दिया जैसा उसके पहले किसी सेडान में नहीं मिला था। अब 25 साल बाद, नई होंडा सिटी ई:एचईवी ऐसी तकनीक व परफॉर्मेंस के साथ आई है जैसा किसी अन्य सेडान में उपलब्ध नहीं है।

होंडा सिटी ई:एचईवी रिव्यू: क्या नई हाइब्रिड तकनीक से बेहतर हुई?

इसमें वीटेक का अब जलवा नहीं देखनें को मिलेगा। यह पर्यावरण को बचाने को लेकर है और ईवी या हाइब्रिड मोड में चलाने के बारें में है और यह एक अच्छी बात है।

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Hindi
English summary
Honda city hybrid review design features engine driving experience details
Story first published: Monday, May 2, 2022, 11:02 [IST]
 
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