125 सीसी स्कूटरों में छिड़ी जंग, देखें कौन है विजेता
125 सीसी की स्कूटर कैटेगरी काफी समय से स्थिर है। इस कैटेगरी में काफी समय से कोई बड़ी हलचल नहीं है। इस श्रेणी में जो स्कूटर आए हैं, वे सुजुकी एक्सेस और महिन्द्रा ड्यूरो डीजेड और इन्हीं के समान मैकेनिकल वाले स्वीस और रोडियो आरजेड हैं।
नये होंडा एक्टिवा 125 के लॉन्च के बाद यह श्रेणी एक बार फिर रोमांचक हो गयी है। नये होंडा एक्टिवा 125 में नये लुक के साथ ही, स्कूटर के ब्रैंड नेम की ताकत भी है।
इस दौरान एक सवाल उठना लाजमी है कि यह नया एक्टिवा सुजुकी और महिन्द्रा के 125 सीसी स्कूटरों से कैसे अलग है। इसके लिए हमें इन तीनों स्कूटरों को अलग-अलग पैमाने पर तौलना होगा। आगे हम इन तीनों स्कूटरों की माइलेज, फीचर्स और कुछ अन्य खूबियों की तुलना करेंगे।
कहानी अगले भाग में जारी है। अधिक जानकारी के लिए आगे की स्लाइड्स पर क्लिक करें-

फोटो पर क्लिक करें और इन तीनों स्कूटरों के बीच तुलनात्मक विवरण देखिये-

एक नजर: होंडा एक्टिवा 125
एक दशक से बाजार में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा होंडा एक्टिवा काफी पुराना हो चला था। तो, होंडा ने सोचा कि क्यों न एक्टिवा 125 सीसी को लॉन्च किया जाये। इस नये स्कूटर में ना सिर्फ बड़ा इंजन है बल्कि इसके साथ ही इसे बोरिंग होने से बचाने के लिए इसके लुक को भी नये जमाने का बनाया गया है। और कंपनी ने इसे नाम भी एक्टिवा का दिया है। जो कंपनी का मशहूर और बाजार में पहले ही अपनी जगह बना चुका है।

एक नजर: सुजुकी एक्सेस
इस स्कूटर का डिजाइन आपको पुराने जमाने के स्कूटरों की याद कराता है। हालांकि, यह एक मॉर्डन स्कूटर है। एक्सेस को आमतौर पर फैमिली राइड के लिए प्रयोग किया जाता है। अपने ताकतवर इंजन के कारण एक्सेस इस श्रेणी में सबसे ज्यादा बिकने वाला स्कूटर है। इसके साथ ही इसकी मजबूत बॉडी और प्रतिस्पर्धा में कमी ने भी इसे 125 सीसी का सबसे ज्यादा बिकने वाला स्कूटर बनाया है।

एक नजर: महिन्द्रा ड्यूरो डीजेड
ड्यूरो डीजेड मौलिक ड्यूरो का परिष्कृत रूप है। लेकिन, यह मेकओवर भी इस स्कूटर को अधिक लोकप्रिय नहीं बना पाया। हैरानी की बात यह है कि अगर आप इस स्कूटर को आगे से देखें तो यह आपको सुजुकी एक्सेस की याद दिलाता है।

स्टाइलिग: होंडा एक्टिवा 125
होंडा एक्टिवा 125, एक्टिवा की तरह मजबूत और मैटेल बॉडी का स्कूटर है। कंपनी ने इस स्कूटर को आगे से पीछे तक एक्टिवा रखा है। और आप इसे कंपनी का बहुत अच्छा फैसला मान सकते हैं। हालांकि आगे से इस स्कूटर में कुछ बदलाव किये गए हैं, जैसे इंडिकेटर लैम्प एप्रन और हैडलैम्प के ऊपर काले 'क्राउन' के बीच मेटल ट्रिम होना। यह इस स्कूटर को जरा हटकर नया रूप देता है, जबकि बाकी दोनों स्कूटरों ने इस हिस्से को खाली छोड़ा है।

स्टाइलिंग: सुजुकी एक्सेस
एक्सेस स्टाइल के मामले में जरा पीछे नजर आता है। इस स्कूटर के डिजाइन को काफी सिम्पल रखा गया है, जो शायद हर किसी को पसंद नहीं आए। लेकिन, इसका यही सिम्पल अंदाज इसे परिवार के हर सदस्य के इस्तेमाल के लिए अनुकूल बनाता है। इस डिजाइन को आप 'गोलू-मोलू' कह सकते हैं। और यह एक्टिवा 125 के नये लुक की तरह स्मार्ट नहीं है। एक्सेस का साइलेंसर भी बड़ा और अच्छा काम करने वाला है।

स्टाइलिंग: महिन्द्रा ड्यूरो डीजेड
बेशक ड्यूरो डीजेड का लुक एक्टिवा की तरह अच्छा नहीं है। जैसाकि हमनें पहले भी कहा है कि लुक के मामले में ड्यूरोडीजेड एक्सेस के ज्यादा करीब है। आगे से देखने पर यह स्कूटर एक्सेस जैसा ही लगता है। लेकिन, पीछे से देखने पर यह थोड़ा पतला है। तुलनात्मक रूप से देखें तो कुछ लोगों को यह बात पसंद आ सकती है।

सीटिंग और आराम: होंडा एक्टिवा 125
एक्टिवा 125 की सीट चौड़ी और सपाट है। यह अपराइड राइडिंग पोजीशन के लिए अच्छी मानी जाती है। यह सीट स्कूटर की सवारी करने वालों के लिए काफी आरामदेह होती है। इसमें बड़ा एलॉय पकड़ वाला हैंडल, एलॉय फुट रेस्ट है, जो यात्री को सुरक्षित रखता है। अगले फ्लोरबोर्ड भी सपाट और चौड़ा है, जो थकान रहित यात्रा के लिए जरूरी होता है।

सीटिंग और आराम: सुजुकी एक्सेस
एक्सेस भी एक्टिवा की ही तरह सपाट और चौड़ी सीट वाला स्कूटर है। यह भी अपराइट राइडिंग पोजीशन देता है जो यात्री के लिए काफी आरामदेह होती है। इसके साथ ही सही पोजीशन पर लगे फुटरेस्ट और बड़े हैंडल कुछ हद तक आपकी कमर को भी आराम पहुंचाते हैं। एक्टिवा 125 और एक्सेस में एक बड़ा अंतर फ्लोरबोर्ड का है, जो सपाट तो है, लेकिन एक्टिवा जितना चौड़ा नहीं है।
यहां यह बात ध्यान रखने की है कि साइलेंसर बड़ा और बेडौल है। यह साइलेंसर साइड से बाहर निकला हुआ है। यह इतना ज्यादा बाहर है कि कई बार यह फुटरेस्ट सा नजर आने लगता है।

सीटिंग और आराम: महिन्द्रा ड्यूरो डीजेड
ड्यूरोडीजेड की सीट भी अन्य दो की तरह, राइडर और सहयात्री दोनों के लिए आरामदेह है। हालांकि, थोड़े लंबे लोगों के लिए राइडिंग जरा परेशानी भरी हो सकती है, क्योंकि फ्लोरबोर्ड कुछ ज्यादा ही ऊंचा है।

इंजन, ट्रांसमिशन और माइलेज: होंडा एक्टिवा 125
124.9 सीसी का वी-मेटिक ट्रांसमिशन इंजन 6500 आरपीएम पर 8.6 बीएचपी देता है। और 5500 आरपीएम पर 10.12 एनएम का टॉर्क देता है। होंडा का दावा है कि यह स्कूटर एक लीटर में 59 किलोमीटर चल सकता है, जो एक्टिवा 110 सीसी के 60 किलोमीटर प्रति लीटर से थोड़ी सी ही कम है।

इंजन, ट्रांसमिशन और माइलेज: सुजुकी एक्सेस
124 सीसी का सीवीटी ऑटोमैटिक गियरबॉक्स इंजन 7000 आरपीएम पर 8.58 हॉर्सपावर की ताकत देता है। और 5000 आरपीएम पर 9.8 एनएम का टॉर्क देता है। जहां तक माइलेज की बात करें तो एक्सेस 40 से 50 किलोमीटर प्रति लीटर के बीच की माइलेज देता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि स्कूटर शहर अथवा हाइवे कहां ड्राइव किया जा रहा है।

इंजन, ट्रांसमिशन और माइलेज: महिन्द्रा ड्यूरो डीजेड
124.6 सीसी का सीवीटी ट्रांसमिशन 7000 अारपीएम पर 8 हॉर्सपावर की शक्ति और 5500 आरपीएम पर 9 एनएम का टॉर्क देता है।
एआरएआई के मुताबिक ड्यूरो डीजेड की माइलेज 56.25 किलोमीटर प्रति लीटर है। जो असल परिस्थितियों में 40-45 किलोमीटर प्रति लीटर के बीच है।

फीचर्स: होंडा एक्टिवा 125
इंस्ट्रूमेंट पैनल: इसमें लगा है आधुनिक इंस्ट्रूमेंट पैनल, जो सामान्य से काफी अलग है। बड़े एनालॉग स्पीडोमीटर के साथ डिजिटल फ्यूल लेवल इंडिकेटर, एक ओडोमीटर और ट्रिप मीटर भी है। टर्न इंटिकेटर लैम्प में अलग स्लॉट भी है। सिल्वर ट्रिम इंस्ट्रूमेंट इस स्टाइल में चार चांद लगा देता है।
स्विच गियर भी अच्छे क्वालिटी के हैं। और इनकी पोजीशन भी मौलिक एक्टिवा जैसी ही हैं।
स्टोरेज: एक्टिवा 110 में 18 लीटर का अंडरसीट स्टोरेज है। एक्टिवा 125 में भी इतनी ही जगह है। आगे स्टोरेज का विकल्प दिया गया है। इसके साथ ही आगे बैग हुक भी है।

फीचर्स: होंडा एक्टिवा 125
फ्यूल टैंक में 5.3 लीटर पेट्रोल आ सकता है।
की-होल पर स्लाइडिंग कवर है, जो इसे अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करता है।
होंडा एक्टिवा 125 कंपनी के एक खास 'सीएलआईसी' (कन्विनिएंट लिफ्ट अप इंडिपेंडेंट कवर) तकनीक के साथ आती है। यह वह प्रक्रिया है जो सीट के नीचे के मैकेनिकल पार्टस तक पहुंच आसान बनाती है।

फीचर्स: सुजुकी एक्सेस
इंस्ट्रूमेंट पैनल: सुजुकी एक्सेस का पैनल पूरी तरह एनॉलॉग क्लस्टर है, जिसमें स्पीडोमीटर और एक फ्यूल लेवल इंडिकेटर है। इसमें कुछ भी फैंसी नहीं है। यह कई मायनों में काफी तंग भी नजर आता है।
स्टोरेज: एक्सेस की सीट के नीचे 20 लीटर का स्पेस है। यह जगह एक्टिवा से काफी अधिक है। इस जगह में एक बड़े हैलमेट के साथ काफी कुछ अन्य सामान रखा जा सकता है। आगे सामान रखने की जगह का विकल्प भी मौजूद है। एक बात यह ध्यान रखने वाली है कि आगे सामान टांगने के लिए लगा हुक कुछ ज्यादा ही नीचे है, जिससे सामान टांगने में काफी परेशानी हो सकती है।

फीचर्स: सुजुकी एक्सेस
एक्सेस का फ्यूल टैंक 6 लीटर का है।
रियर ब्रेक लॉक के लिए लीवर दिया गया है।
एक्टिवा की तरह इसमें भी की-होल पर एक स्लाइडिंग कवर दिया गया है। इसके साथ ही इगनिशन की-स्लॉट से अंडरसीट स्टोरेज खोलने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

फीचर्स: महिन्द्रा ड्यूरो डीजेड
इंस्ट्रूमेंट पैनल: एनालॉग स्पीडोमीटर और फ्यूल लेवल इंडिकेटर साधारण लेकिन बड़े पैनल में लगाये गए हैं। हैडलैम्प इंडिकेटर और टर्न इंडिकेटर क्लस्टर को संपूर्ण रूप देते हैं।
स्टोरेज: इस स्कूटर में अंडरसीट स्टोरेज 20 लीटर की है। इसके साथ ही ड्यूरो में फ्रंट ग्लव बॉक्स भी आता है। यह इसमें स्टैंडर्ड फीचर के तौर पर आता है, जो बाकी दोनों स्कूटरों में नहीं है।
इस स्कूटर का फ्यूल टैंक 6 लीटर का है।
रियर ब्रेक लॉक के लिए लीवर दिया गया है।

सस्पेंशन, व्हील और ब्रेक: होंडा एक्टिवा 125
होंडा की नयी एक्टिवा के अगले पहिये में टेलिस्कोपिक फोर्क्स लगे हैं, जो पुरानी एक्टिवा में नदारद थे। इसके साथ ही इसमें 12 इंच के 5 स्पोक एलॉय व्हील लगे हैं। इसके साथ ही इसमें 190 एमएम की वैकल्पिक डिस्क ब्रेक का विकल्प भी आता है। वहीं पिछला पहिया 10 इंच के व्यास का है जिसमें 130 एमएम का स्टैंडर्ड ड्रम ब्रेक है। होंडा के सभी टू-व्हीलर्स की तरह एक्टिवा में जांचा-परखा ब्रेकिंग सिस्टम है, जो कम दूरी पर ही रुक जाता है।

सस्पेंशन, व्हील और ब्रेक: सुजुकी एक्सेस
इसका सस्पेंशन स्तरयी फोर्क्स और स्विंग ऑर्म हैं। और वहीं पिछले पहिये में कॉइल टाइप फोर्क्स हैं। एक्टिवा से अलग, इसके दोनों पहियों का व्यास 10 इंच का है। और साथ ही इसमें डिस्क ब्रेक का विकल्प नहीं है। दोनों पहियों में 120 एमएम के ड्रम ब्रेक लगे हैं।

सस्पेंशन, व्हील और ब्रेक: महिन्द्रा ड्यूरो डीजे
एक्सेस की ही तरह ड्यूरो डीजे में 10 इंच के पहिये और दोनों पहियों में 130 एमएम के ड्रम ब्रेक लगे हैं। अगले पहिये का सस्पेंशन टेलिस्कोपिक है और पिछले पहिये में हायड्रोलिक स्विंग ऑर्म टाइप सस्पेंशन है।

खूबियों-खामियों, आकार और कीमत की तुलना।

पैसा वसूल या फैसला
होंडा एक्टिवा 125 का स्टाइलिश और नया लुक अपने प्रतिस्पधिर्यों को आसानी से हरा देता है। और साथ ही इसकी मैटल बॉडी इसे स्वत: ही कई लोगों की नजरों में सबसे आगे खड़ा करती है।
एक्टिवा इसके साथ ही देखने में सबसे अच्छा और सबसे उपयोगी इंस्ट्रूमेंट पैनल के साथ आता है।
एक्टिवा 125 बाकी दोनों स्कूटरों के मुकाबले काफी शक्तिशाली है। जहां तक माइलेज की बात है, तो कंपनियों के अलग-अलग दावों के बावजूद तीनों स्कूटर लगभग एक बराबर माइलेज देते हैं। यह बात भी ध्यान रखने की है कि एक्टिवा का फ्यूल टैंक तीनों में सबसे छोटा है।
डिस्क ब्रेक का विकल्प और होंडा का कम्बाइन ब्रेकिंग सिस्टम होने का मतलब है कि इस मामले में भी यह सबसे आगे है। वहीं पुराने एक्टिवा में अगले पहिये के सिर्फ एक ओर सस्पेंशन लगाया गया था, वहीं नयी एक्टिवा 125 में इस ओर भी ध्यान दिया गया है।
वहीं ड्यूरो डीजेड ज्यादातर मामलों में बाकी दोनों स्कूटरों से पिछड़ता नजर आता है। खासतौर पर इंजन और स्टैंडर्ड फ्रंट ग्लव बॉक्स के लिहाज से देखा जाए तो।

पैसा वसूल या फैसला
आखिर में हम यही कहना चाहेंगे कि हालांकि एक्टिवा 125 साफतौर पर विजेता नजर आता है, लेकिन आपको अधिक फीचर्स के लिए अधिक कीमत भी चुकानी पड़ती है। एक्टिवा की एक्सेस से कीमत करीब 5000 और ड्यूरो से करीब 10 हजार रुपये ज्यादा है।
इस कीमत में दूरी और बढ़ जाती है जब आप एक्टिवा का डिस्क ब्रेक वाला मॉडल लेने का विचार करते हैं, जिसकी दिल्ली में एक्स-शोरूम कीमत 58156 रुपये है।
हम तो यही कहेंगे कि यदि आपके लिए कीमत ज्यादा मायने नहीं रखती, तो आपको बेशक एक्टिवा 125 ही खरीदना चाहिए। और वे लोग जिनका बजट थोड़ा तंग है, उनके लिए महिन्द्रा ड्यूरो इस कैटेगरी का सबसे पसंदीदा स्कूटर हो सकता है। एक्सेस बीच की श्रेणी में आता है। तो, कीमत और फीचर्स के बीच सही संतुलन बनाता है, लेकिन क्या आप एक्टिवा 125 के बेस मॉडल के लिए पांच हजार रुपये अतिरिक्त खर्च नहीं करना चाहेंगे, जो एक्सेस से काफी बेहतर है।
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