BGauss RUV350 Review: बीगॉस का नया इलेक्ट्रिक स्कूटर, दमदार परफॉरमेंस व स्टाइलिश लुक, जानें आपके लिए कितना सही
भारतीय ईवी स्टार्टअप BGauss ने हाल ही में भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में अपनी नई स्कूटर RUV350 (राइडर की यूटिलिटी व्हीकल) को पेश किया है। जैसे इन दिनों देश के हर कोने से जिस तरह से नये इलेक्ट्रिक स्कूटर आ रहे हैं, वैसे ही नया BGauss RUV350 भी अपनी खुद की खासियत (USP) के साथ आता है।
बीगॉस का दावा है कि यह मेड-इन-इंडिया इलेक्ट्रिक स्कूटर हमारे देश के किसी भी तरह के रास्ते पर चलने में सक्षम है, चाहे रास्ता पक्का हो या फिर कच्चा, ये स्कूटर अपनी स्पीड बनाए रखेगा।

हाल ही में हमारी टीम को पुणे के चाकण में स्थित कंपनी की फैक्ट्री में BGauss RUV350 को चलाने का मौका मिला है। जिसके बाद हम आपके लिए इस नए स्कूटर का ऑनेस्ट रिव्यू (Honest Review) लेकर आए हैं। तो चलिए इसके बारे में सभी महत्वपूर्ण जानकारी जानते हैं...
BGauss RUV350 का डिज़ाइन और फीचर्स: पहली नजर में आपको बीगॉस RUV350 आजकल हमारी सड़कों पर दिखने वाले स्कूटरों की तुलना में काफी अलग दिखाई देगा, यह दक्षिण पूर्व एशियाई देशों जैसे थाईलैंड और कंपनी के अपने D15 प्रो की सड़कों पर दौड़ते हुए दिखने वाले स्कूटरों जैसा लगता है।

वहीं, हैंडलबार पर एक चौकोर हेडलाइट लगा है जिसे क्रोम की परत से सजाया गया है। इसके दोनों तरफ टर्न सिग्नल लगे हैं। आगे के हिस्से के बीच में एक चमकदार काला भाग दिखाई देता है, जो काफी रिफ्लेक्टिव है और उसी पर BGauss का Logo बना हुआ है।
डिज़ाइन के मामले में सबसे बड़े आकर्षण स्कूटर का 16 इंच के अलॉय व्हील्स हैं, जो अब तक भारत में किसी भी इलेक्ट्रिक स्कूटर पर देखे गए सबसे बड़े व्हील्स हैं।

पहियों को तीन रंग विकल्पों- ग्रे, ऑरेंज और येलो में पेश किया गया है, जो RUV350 के मेटल बॉडी पैनल्स पर डुअल-टोन रंग विकल्पों और स्टिकरिंग के साथ कंट्रास्ट करते हैं।
RUV350 में एक चौड़ा फ्लोरबोर्ड है, साथ ही एक सॉफ्ट-क्लोज सीट है जिसके लिए एक सिंगल-पीस ग्रैब हैंडल है। टेललाइट काफी कॉम्पैक्ट दिखती है और इसके साथ ही टर्न सिग्नल और अन्य लाइटिंग एलिमेंट्स LED यूनिट्स भी हैं।

BGauss RUV350 में 5-इंच का TFT डिस्प्ले है जिसमें IP67 रेटिंग है और इसमें टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, कॉल नोटिफिकेशन्स, राइडिंग और चार्जिंग स्टैट्स जैसी सुविधाएं हैं। स्क्रीन यह भी दिखाती है कि आप किस राइडिंग मोड में हैं और इसे हैंडलबार के दाईं ओर के बटन से नियंत्रित किया जाता है।
सीट के नीचे का स्टोरेज एरिया काफी तंग है और इसमें एक छोटे आकार का हाफ-हेलमेट रखा जा सकता है। यहीं पर आपको RUV350 का चार्जिंग पोर्ट और पावरट्रेन ऑन/ऑफ स्विच मिलेगा, जो इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को लंबे समय तक स्टोर करने पर उपयोगी साबित हो सकता है।

जो लोग थोड़ी अधिक स्टोरेज की तलाश में हैं, उनके लिए फ्रंट एप्रन पर छोटे पॉकेट्स हैं जहां आप अपना फोन और अन्य आवश्यक चीजें रख सकते हैं, साथ ही किराने के बैग को लटकाने के लिए एक हुक भी है। यहीं पर आपको USB चार्जिंग पोर्ट भी मिलेगा।
एक और स्टोरेज स्पेस फ्लोरबोर्ड के नीचे पाया जा सकता है और आमतौर पर इसे चार्जिंग केबल रखने के लिए उपयोग किया जाता है। यह लॉक करने योग्य स्टोरेज है और फ्लोर मैट के नीचे छिपा होता है, जो किसी चीज को छिपाने के लिए उपयोगी होता है।

हमने जो BGauss RUV350 चलाया वह एक प्री-प्रोडक्शन यूनिट था। उसमें पेंट की फिनिशिंग और बॉडी पैनलों के गैप्स, खासकर डिस्प्ले के पास कुछ दिक्कतें थीं। इस्तेमाल किया गया प्लास्टिक सस्ता लग रहा था, इसपर आसानी से खरोंच आ जाती। फ्लोरबोर्ड के नीचे छिपा स्टोरेज भी थोड़ा कमजोर महसूस हुआ।
BGauss RUV350 स्पेसिफिकेशन्स और डाइमेंशन्स: बीगॉस RUV350 को कंपनी के नए हाइपरड्राइव इन-व्हील मोटर से पावर मिलती है, जो 4.69bhp और 165Nm (व्हील टॉर्क) का पीक आउटपुट देती है।

यह मोटर 3kWh लिथियम-आयन बैटरी पैक से जुड़ी होती है, जो एक बार चार्ज करने पर 135 किमी की ARAI-सर्टिफाइड रेंज (दावा किया गया सच्चा रेंज 120km) की रेंज देती है।
बैटरी पैक को 1.35kW के बाहरी चार्जर से जोड़ने पर 0-80 प्रतिशत तक चार्ज होने में एक घंटा 55 मिनट का समय लग सकता है, व पूरी तरह से चार्ज होने में अतिरिक्त 40 मिनट का समय लगता है।

धीमे चार्जिंग विकल्प भी उपलब्ध हैं, जिनमें बैटरी को 100 प्रतिशत तक चार्ज करने में 840W चार्जर के साथ 3 घंटे 55 मिनट या 500W चार्जर के साथ 6 घंटे 50 मिनट का समय लग सकता है।
BGuass कंपनी ने जो रेंज बताई है वो RUV350 स्कूटर के Eco मोड को ध्यान में रखकर है, जहां टॉप स्पीड सिर्फ 45km/h तक सीमित होती है। स्कूटर में दो और मोड(Ride or Sport) भी उपलब्ध हैं।

जिसमें Ride मोड में टॉप स्पीड 60km/h हो जाती है और Sport मोड में टॉप स्पीड 75km/h हो जाती है और स्कूटर सिर्फ 5.4 सेकंड में 0 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेती है।
RUV350 में फ्रंट पर पारंपरिक टेलीस्कोपिक फोर्क्स और रियर पर 4-स्टेप एडजस्टेबल मोनोशॉक के साथ एक ट्यूबलर चेसिस होता है। इस इलेक्ट्रिक स्कूटर के 16-इंच के पहियों पर आगे की तरफ 80/80 और पीछे की तरफ 90/80 टायर लगे होते हैं।

ब्रेकिंग दोनों तरफ 130mm ड्रम ब्रेक द्वारा की जाती है जिन्हें एक कॉम्बी-ब्रेकिंग सिस्टम द्वारा सहायता प्रदान की जाती है। बीगॉस RUV350 की लंबाई 1,928mm, चौड़ाई 697mm, और ऊंचाई 1,200mm है। इसका व्हीलबेस 1,335mm लंबा है। RUV350 में 160mm का ग्राउंड क्लीयरेंस और सीट की ऊंचाई 785mm है।
BGauss RUV350 में सवारी का अनुभव: सड़क पर, बीगॉस RUV350 एक सामान्य स्कूटर की तरह चलता है। मोटर पावर को स्मूथली डिलीवर करता है, हालांकि शुरुआती एक्सेलेरेशन अन्य प्रतिस्पर्धी ब्रांडों के स्कूटरों जितना मजबूत नहीं है।

RUV350 में मोड बदलने पर प्रदर्शन में एक स्पष्ट अंतर महसूस होता है। हमें स्पोर्ट मोड सबसे अच्छा लगा। हालांकि, जो लोग माइलेज और परफॉर्मेंस के बीच संतुलन चाहते हैं, उनके लिए राइड मोड आदर्श है। इको मोड में गाड़ी ज्यादा दूर चलती है लेकिन रफ्तार कम हो जाती है।
खराब रास्तों पर, RUV350 का फ्रंट एंड काफी अच्छे से बर्ताव करता है, आसानी से गड्ढों और उबड़-खाबड़ रास्तों को संभाल लेता है। हालांकि, पीछे का हिस्सा हमारे अनुसार थोड़ा ज्यादा कठोर महसूस हुआ जिससे पीछे बैठा यात्री सड़क की हर खामी से अच्छी तरह परिचित हो गया।

मोड़ों पर, RUV350 के बड़े और पतले टायर सेटअप से आपको मोड़ते समय कोई मजा नहीं आता। इसके अलावा, मुड़ते समय अक्सर हमारी घुटनों से चाबी टकरा जाती थी, जिससे स्कूटर कई बार चलते-चलते बंद हो जाता था।
स्कूटर में ब्रेक भी एक समस्या थी। पीछे का ब्रेक तो ठीक था, क्योंकि कॉम्बी-ब्रेकिंग सिस्टम सही समय पर काम कर गया। लेकिन, सामने का ब्रेक बिलकुल अस्थिर लग रहा था।

चाहे शुरूआती पकड़ ( ब्रेक लगाने पर गाड़ी रुकने का एहसास) की बात हो या पूरी तरह से रोकने की क्षमता की, दोनों ही मामलों में सामने का ब्रेक अच्छा नहीं महसूस करवाया।
BGauss RUV350 को लेकर हमारा विचार: भारतीय ईवी-स्टार्टअप बीगॉस ने एक बार फिर ऐसा इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाया है, जो बाजार में उपलब्ध मौजूदा स्कूटरों से काफी अलग दिखता है। कंपनी का दावा है RUV350 की रेंज अच्छी है और डिजाइन भी खास है, लेकिन असल में इसके टायर पतले-ऊंचे हैं।

साथ ही इसमें सख्त रियर सस्पेंशन और सस्ते प्लास्टिक का उपयोग किया गया है। इसके अलावा, स्कूटर के अलग-अलग हिस्सों के बीच गैप भी हैं और कुछ स्टोरेज स्पेस की जगह भी अजीब है।
इसलिए हम अभी ये सलाह नहीं दे सकते कि आप इसे रोज़ाना इस्तेमाल के लिए खरीद लें। हमें इसकी लंबे समय तक टेस्ट राइड करनी होगी उसके बाद ही हम आपको सही राय दे पाएंगे।


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