फार्मूला 1 के बाद अब फार्मूला-ई का जलवा
अभी तक आपने फार्मूला वन कारों को रेसिंग ट्रैक पर हवा से बातें करते देखा होगा। लेकिन अब रफ्तार के इस जंग में एक और नया अध्याय जुड़ गया है। जी हां, यह फार्मूला 1 नहीं बल्कि फार्मूला-ई है। आपके दिमाग में चल रहा होगा कि भला फार्मूला-ई क्या बला है।
दरअसल, फार्मूला-ई रेसिंग वर्ल्ड को किफायती और बेहतर बनाने की कवायद है। फार्मूला-ई का मतलब इलेक्ट्रिक से है। अब तो आप समझ ही गयें होंगे कि इस रेस में आम पेट्रोल से दौड़ने से वाली फार्मूला कारें नहीं बल्कि इलेक्ट्रिक फार्मूला कारें रफ्तार भरेंगी।
दुनिया भर में के कार शैकीनों का ध्यान अपनी तरफ खिंचने वाले फ्रैंकफर्ट मोटर शो में इस नये फार्मूला-ई कार को पहली बार दुनिया के सामने पेश किया गया है। तो आइये तस्वीरों के माध्यम से जानते हैं फार्मूला-ई की आर और इस आयोजन के बारें में।

आगे नेक्स्ट बटन पर क्ल्कि करें और जानें, रफ्तार के इस नये जंग फार्मूला-ई के बारें में।

यह दुनिया की पहली इलेक्ट्रिक फार्मूला कार रेस होगी। इस रेस में इलेक्ट्रिक यानी की बैटरी से संचालित की जाने वाली फार्मूला कारों का प्रयोग किया जायेगा।

अंतर्राष्ट्रीय फ्रैंकफर्ट मोटर शो के 65वें संस्करण के पहले दिन मंगलवार को एफआईए के अध्यक्ष ज्यां टॉड और फॉर्मूला-ई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अलेक्जांद्रो अगाग ने रेस जगत की बहुप्रतिक्षित फॉर्मूला-ई रेस कार, स्पार्क रेनॉ एसआरटी-01ई का अनावरण किया।

इस कार का डिजाइन एवं निर्माण स्पार्क रेसिंग प्रौद्योगिकी (एसआरटी) ने किया है, तथा यह रेसिंग कार अगले वर्ष सितंबर में शुरू हो रहे दुनिया के पहली पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों की रेस, एफआईए फॉर्मूला-ई रेस चैम्पियनशिप में हिस्सा लेगी।

इस रेस को दुनिया भर में लोकप्रिय बनाने के लिये फार्मूला-ई को दुनिया के कई देशों में प्रस्तुत किया गया है। हाल ही में इसे बैंकाक में भी पेश किया गया। आगे नेक्स्ट बटन पर क्लिक करें और जाने अन्य कौन से देशों में फार्मूला-ई ने की शिरकत।

लॉस एंजिलीस की सड़कों पर फर्राटा भरती फार्मूला-ई कार। इलेक्ट्रिक कारों के रेस को यह जंग एक नया आयाम देगी।

आपको बता दें कि,इस कार के निर्माण में 10 महीने लगे और इस कार को चीन में भी पेश किया गया। चीन ने भी इस रेस में हिस्सा लेने की हामी भरी है।

रोम की सड़कों पर ऐतिहासिक इमारत के सामने फर्राटा भरती फार्मूला-ई कार। ऐसा पहली बार है जब इलेक्ट्रिक कारों के रेस को आयोजित किया जा रहा है। इस रेस से सामान्यत: फार्मूला 1 रेस में खर्च होने वाले इंधन पर काबू पाया जायेगा।

बर्लिन में फॉर्मूला-ई कार का पेश किया गया है। इस चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने वाली सभी 10 टीमों के 20 चालक इसी कार का प्रयोग करेंगे।

एक सीट वाली इस कार की प्रौद्योगिकी मौजूदा इलेक्ट्रिक कारों से कहीं आगे है, तथा मूल्य एवं स्थायित्व में भी बखूबी संतुलन रखा गया है। कार का अनावरण करने के बाद टॉड ने कहा, "मैं इस कार के उत्पादन में लगे सभी साझीदारों को बधाई देता हूं। यह बहुत बड़ी उपलब्धि है।"


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