#Wego के संग कोचिन में क्रिसमस की धूम- भाग 1

Written by: Shashikant

पुणे में दीवाली की आतिशबाजी और रौशनी में नहाई हुईं इमारतों के बेहतरीन नजारे अब भी हमारी आंखों में समाये हुए हैं! पर अब क्रिसमस आ गया है और एक बार फिर हम रौशनी के शहर में पहुंच गये हैं। बस शहर का नाम अलग है- वो है कोचिन। और हां इस बार भी हमारे संग है टीवीएस वीगो।

कोचिन में कदम रखने से पहले ही क्रिसमस के घंटों की आवाज हमारे कानों में गूंजने लगी! क्यों न हो हम ईश्वर के देश यानी केरल में जो आ चुके थे। क्रिसमस के मौके पर केरल में इससे अच्छी कोई जगह नहीं।

पूरी दुनिया क्रिसमस सेलेब्रेट कर रही है। यह समय है जब आप लोगों के साथ खुशियां बांटते हुए चलते हैं और परिवार के लोगों से मिलते हैं। त्योहार के उत्‍साह को दुगना करने के लिये ड्राइवस्‍पार्क के खुद के सैंटा रेंडियर के साथ निकल पड़े।

सैंटा ड्राइव स्‍पार्क की टीम और रेंडियर है टीवीएस वीगो, जिसके साथ हमने अपनी सैर को नाम दिया #WegoCochin।

पुर्तगाली प्रभाव लिये हुए कोच्चि का किला हमेशा से त्‍योहारों पर लोगों की पहली पसंद रहा है। खास कर क्रिसमस के मौके पर। भीड़-भाड़ वाले ट्रैफिक से लेकर आधुनिकता की लहर में दौड़ते हुए इस शहर में कई सड़कें ऐसी हैं, जहां जाकर आप भी चकित रह जायेंगे। यही कारण है कि शहर के कई स्‍थानों पर रुकना ही बेहतर होता है। उन्‍हीं में से एक है ओल्‍ड हार्बर होटल (ऊपर तस्‍वीर है)।

इस जगह को 'क्‍वीन ऑफ अरेबियन सी' कहा जाता है, तटीय शहर कोच्चि एक समय में भारत में व्‍यवसाय का मुख्‍य केंद्र हुआ करता था और 1503 में पुर्तगालियों का मुख्‍य शहर बना रहा, तब तक जब तक 1530 में गोवा उनकी पहली पसंद नहीं बन गया।

कोच्चि में कई सारे चर्च हैं। इन में आपको पुर्तगाली संस्‍कृति व शैली अब भी दिखाई देगी। वीगो पर सवार होकर हमने यहां के प्रमुख गिरजाघरों की सैर की, जहां क्रिसमस पर रात भर प्रार्थनाएं होतीं और सुबह हर्षोल्‍लास के संग त्‍योहार मनाया जाता है।

जब हम सड़कों पर निकले तो दोनों ओर सितारों की शृंखलाएं दिखाई दीं। साथ ही लगभग सभी घर रौशनी में नहाये हुए दिखे। हर जगह परिवारों को मिलते हुए देखा, जो आज के परिवेश में बेहद जरूरी है क्‍योंकि परिवार ही हमारा सबसे ज्‍यादा खयाल रखते हैं। ठीक वैसे ही जैसे आज के परिवेश में वीगो को डिजाइन किया गया है। बेहतरीन डिजाइन, कम ईंधन खर्च और हर व्‍यक्ति की जरूरत का खयाल रखने वाला वाहन।

अतिरिक्‍त चीजों की बात करें तो टेलिस्‍कोपिक फ्रंट फोर्क, वीगो को हैंडल करना आसान बनाते हैं, और सीट के नीचे का स्‍टोरेज वाकई में कमाल का है। इतनी जगह कि आपके घर पहुंचते ही पूरा क्रिसमस ट्री उपहारों से भर जाये।

जल्‍दबाजी में अगर आप अपना मोबाइल चार्ज करना भूल गये, तो कोई दिक्‍कत नहीं। वीगो में चार्जिंग प्‍वाइंट रास्‍ते में आपका मोबाइल फोन चार्ज करता है।

कोच्चि को केरल की आर्थिक राजधानी कहा जाता है। साथ ही यहां पर पर्यटकों के लिये भी बहुत कुछ देखने को है। अर्थव्‍यवस्‍था के दृष्टिकोण से इस शहर का अपना ही एक महत्‍व है। समुद्री तटों पर जहाज और बड़े-बड़े पोत यहां दिखाई देते हैं। सच पूछिए तो एक्‍सपोर्ट-इम्‍पोर्ट के मामले में यह शहर अहम भूमिका निभाता है।

जितनी सुगमता के साथ आपको यहां समुद्र में जहाज चलता हुआ दिखाई देगा, उतनी ही सुगमता आपको टीवीएस वीगो को चलाते वक्‍त महसूस होगी। शहर के अंदर कितनी ही खराब सड़कें क्‍यों न हों, वीगो आपका साथ कभी नहीं छोड़ेगी।

शहर के एक कोने से दूसरे कोने पर जायेंगे तो आपको बड़ा परिवर्तन दिखाई देगा। ऐसे में वीगो पर आपको एक अलग ही फील आयेगा। मरीन ड्राइव जैसी प्रख्‍यात जगह पर शॉपिंग मॉल हैं और एक से एक बेहतरीन रेस्‍तरां। अगर आप खरीददारी और खाने के शौकीन हैं, तो यह जगह आपको जरूर भायेगी।

हमने यहां पर स्‍ट्रीट फूड भी ट्राई किया। लेकिन वहां पर खड़े होकर खाने के बजाये हमने अलग-अलग दुकानों से खाने-पीने की चीजें खरीदीं और वीगो में रख दीं। होटल पहुंच कर हमने उन सभी चीजों का लुत्‍फ उठाया।

मच्‍छी का व्‍यापार कोच्चि की अर्थव्‍यवस्‍था में निर्णायक भूमिका निभाता है। यहां मछलियों का एक बड़ा बाजार है। चाइनीज फिशिंग नेट पर्यटकों को आकर्ष‍ित करते हैं। साथ ही शहर का उत्‍साह यहीं सबसे ज्‍यादा दिखाई देता है।

मछली पकड़न वाले इस जाल को देखते ही हमें एक ही बात जहन में आती है, जितनी तेजी से यह जाल मछलियों का ध्‍यान आकर्षित करता है, उतनी ही आसानी से वीगो की ओर लोग खिंचे चले आते हैं। खास कर भारत के वो लोग जो स्‍कूटर पर राइडिंग पसंद करते हैं।

जिस प्रकार समुद्र से निकलने के बाद इस जाल में रंग बिरंगी मछलियां दिखाई देती हैं, उसी प्रकार आप वीगो के एक से एक बेहतरीन रंग आपको आकर्षित करेंगे।

बीच पर बैठे हम वीगो पर बात ही कर रहे थे, कि हमने देखा कि इस शानदार गाड़ी के पीछे सूरज डूब रहा है। इस दिन की बेहतरीन शुरुआत के बाद यह समय था सभी यादों को अपने दिल में संजो कर रखने का। इस खास यात्रा में हमारे लिये सबसे यादगार थी वीगो के संग इस शहर की सैर। इस छोटी सी सैर में हमने एक शहर के इतिहास के पन्‍नों को पलटने के साथ आधुनिकता के आसमान को छुआ।

लेकिन हां, यह क्रिसमस की शाम है, तो जाहिर है, कोचिन कार्निवाल को शायद कभी नहीं भुला पायेंगे। यह यहां का सबसे मुख्‍य आकर्षण रहा, जिसमें हर कोई त्‍योहार के जश्‍न में खोया हुआ मिला। क्‍यों न हो यह ईश्‍वर का अपना देश जो ठहरा।

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Story first published: Wednesday, December 28, 2016, 17:46 [IST]
English summary
With the festivities of Pune's diwali still lingering, this Christmas, the journey continues on the Wego. This time we are in Kochhi.
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