
जी हां, यह पढ़कर आपको थोड़ा सा आश्चर्य जरुर हुआ होगा कि आखिर महिलायें कैसे स्कूटर बना सकती है। लेकिन यह मत भूलिए जनाब कि यह इक्कीसवीं सदी है और जब महिलाओं ने पुरूषों से कदम मिलाकर जब चांद तक का सफर कर सकती है तो भला स्कूटर बनाना कौन सी बड़ी बात है। ऐसा देश में पहली बार होने जा रहा है कि महिलायें खुद महिलाओं के लिए स्कूटर का निर्माण करेंगी।
अब आपको यह जानने की भी उत्सुकता होगी आखिर पुरा माजरा क्या है। आइये हम आपको बतातें हैं भारतीय बाजार में एक से बढ़कर एक शानदार वाहनों को पेश करने वाली जापानी वाहन निर्माता कंपनी यामहा देश में अपने एक और असेम्बली लाईन शुरू करने जा रही और इसके लिए कंपनी ने लगभग 200 महिलाओं को काम पर रखा है। आपको बता दें कि यामहा अपने इस नये असेम्बली लाईन की शुरूआत उत्तर प्रदेश के सुरजपूर में शुरू किया है।
गौरतलब हो कि इस योजना के अन्तर्गत महिलाओं को न केवल रोजगार मिलेगा बल्कि कंपनी उनके लिए एक वर्कशॉप भी शुरू कर रही है। जहां पर उन्हे स्कूटर के निमार्ण के लिए तकनीकी जानकारी भी देगी। यह सब एक ट्रेनिंग के तहत किया जायेगा। इसके अलावा इन महिलाओं को एक परीक्षा में भी बैठने की व्यवस्था की गई है। ये महिलायें इंडस्ट्रीयल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आईटीआई) में परीक्षा देंगी जो कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त होगा।
आपको बता दें कि हाल ही में यामहा ने देश के स्कूटर बाजार में अपना पहला कदम रखा है। इस क्रम में यामहा ने देश की सड़क पर अपनी पहली स्कूटर रे को पेश किया है। जिसके ब्रांड अम्बेस्डर के तौर पर कंपनी ने बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री दीपिका पादूकोण को चुना है।
यामहा देश में इस तरह की योजनाओं को शुरू कर महिलाओं तक अपनी पहुंच बनाना चाहता है। ऐसा भी सुनने में आाया है कि ऐसी योजना न केवल देश में पहली बार शुरू की गई है बल्कि विश्व भर में ऐसा पहली बार किया जायेगा। तो देश की महिलाओं तैयार हो जाइये महिलाओं द्वारा बनाई गई स्कूटर से फर्राटा भरने के लिए।





















