अब टोल बूथों पर इंतजार की झंझट से मिलने जा रही है मुक्ति, जानिए कब और कैसे?

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आपको याद होगा कि भारत सरकार ने साल 2016 नवंबर में सभी वाहन निर्माताओं को नये वाहनों पर एक डिजिटल पहचान टैग प्रदान करने के लिए कहा था। दरअसल यह ऐसा यंत्र है जो कि टोल प्लाजा पर इलेक्ट्रॉनिक भुगतान सक्षम होगा।

हालांकि, अपर्याप्त बुनियादी ढांचे के साथ, ज्यादातर वाहनों के लिए यह अनावश्यक कदम ही है क्योंकि इस तरह से पहले से स्थापित हुए 73 लाख से अधिक वाहनों का उपयोग बिल्कुल भी नहीं किया गया है।

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने सभी नये वाहनों को FasTags के साथ पूर्ववर्ती होने के लिए कहा है। यानि अब अगस्त 2017 से जो भी वाहन शोरूम से बाहर आएंगे , वे इससे लैस होंगे।

वहीं दूसरी ओर अपने पुराने डिजिटल पहचान टैग के साथ लगाए गए 73 लाख वाहनों को अब या तो अपडेट करना होगा या उसे बदलना होगा। अब तक, बैंक FasTags प्रदान कर रहे हैं, लेकिन अब कार डीलरों FasTags की पेशकश कर सकते हैं।

आपको बता दें कि फासटैग को 100 रुपये की लागत होती है और सभी भुगतान इलेक्ट्रॉनिक रूप से भुगतान किए जा सकते हैं। पुराने वाहनों के मालिक FasTags को स्थापित कर सकते हैं, और कहा जाता है कि लगाना एक बहुत उबाउ प्रक्रिया नहीं है।

नए मानदंडों के तहत, इन FasTags बेचने वाले बैंक ऑटोमोबाइल डीलरों तक पहुंचेंगे, जो खरीदारों को विभिन्न बैंकों द्वारा प्रदान किए गए टैग प्राप्त करने के लिए एक विकल्प देगा।

English summary
Begining August 2017, all new vehicles leaving the showrooms will be fitted with FasTags by car dealers for new car buyers.
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