4- कार को टेस्ट ड्राइव पर ले जातें समय केवल ऐसे रास्तों का चुनाव न करें जो खाली हो, कई बार ऐसा देखा जाता है कि लोग खाली सड़कों पर टेस्ट ड्राइव करतें हैं। आपको बता दें कि ऐसा करना सकून भरा तो होता है लेकिन लाभप्रद बिलकुल नहीं हैं। टेस्ट ड्राइव के लिए आप ट्रैफिक वाले इलाके पर भी गाड़ी को दौड़ायें क्योकि आपको अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में ऐसे ही रास्तों पर फर्राटा भरना हैं। ट्रैफिक के दौरान ध्यान दें कि कितनी आसानी से कार की मूवमेंट है।
5- इसके अलावा आप अपनी कार को उस रास्ते पर भी दौड़ा सकतें है जो आपके लिए आने जाने का रूट है। क्योकि आप अपने रूट पर अपनी कार को बेहतर ढ़ंग से समझ सकतें हैं। इस दौरान कार की चाल, स्मूथनेस, गियर शिफ्टींग, फीचर्स बटन आदि पर पूरा गौर करें। कार के रोकने के बाद दूबार गति पकड़ने के दौरान का की पिक-अप आदि पर भी पूरा ध्यान रखें।
6- ड्राइव करतें समय कार के भीतर पर भी पूरा ध्यान दें, ड्राइविंग सीट की पोजिशन और लेग रुम, साईड मिरर, बैक व्यू मिरर, डोर फीचर्स बटन, गियर लीवर, हाईट आदि का पूरा आंकलन करें। इस दौरान ड्राइव करतें समय ही कार के भीतर पिछे की तरफ जरुर देंखें। इस दौरान कार को रिवर्स ड्राइव करना ना भूलें। इससे आपको अंदाजा होगा कि इस कार को पार्क करना आपके लिए कितना आसान हैं।
7- ड्राइविंग के समय स्टीयरिंग व्हील पर जरुर गौर करें, कि स्टीयरिंग व्हील आपके लिए कितना सुगम है। आज कल वाहन निर्माता कंपनियां आपके यात्रा को सुखद बनाने के लिए बहुत सारे फीचर्स को कार के स्टीयरिंग व्हील पर माउंटेड कर रही हैं। मसलन स्टीरियो कंट्रोल सिस्टम, विंडो ऑन-ऑफ बटन आदि। कार को ड्राइव करने के दौरान इन सभी बातों पर बारीकी से ध्यान दें और इन फीचर्स का इस्तेमाल करना न भूलें।
8- कार को ड्राइव करने के दौरान कार को अचानक रोकने के लिए ब्रेकिंग सिस्टम का भी मुआयना करें, ब्रेकिंग सिस्टम कार की जान होती है। इस दौरान आप बेहतर तरीके से ब्रेक अप्लाई कर महसूस करें कि ब्रेक कितना स्मूथ। इसके अलावा कार के भीतर विंडो को ओपेन कर कार से आने वाली आवाज को भी चेक करें। यह गौर करें कि इंजन के अतिरिक्त कोई और आवाज तो कार से नहीं आ रही हैं।
9- इसके अलावा कार का रेडियस, उसका आकार, और इंटीरियर के भीतर दिये गये फीचर्स आदि पर पूरा गौर करें। यदि कार के किसी फीचर के बारें में आपको जानकारी नहीं है तो साथ में मौजूद कंपनी के आदमी से इस बारें में जरूर पुछे। इसके अलावा कुछ और सामान्य प्रश्न, जैसे कि माइलेज, सर्विस, लाईफ आदि के बारें में भी पूरी जानकारी हासिल करें।
10- सबसे आखिरी और मुख्य बात, यदि आप कार की तकनीकी या फिर अन्य बातों के बारें में पूरी जानकारी नहीं रखतें हैं तो किसी और व्यक्ति को भी साथ रखना ना भूलें। मसलन किसी एस्टपर्ट ड्राइवर या फिर कोई ऐसा मित्र जो कि आपको सही सलाह दे सके।






















