VIP कल्चर को खत्म करने पर उतारू PM मोदी खुद नहीं करेंगे लाल बत्ती का इस्तेमाल

पीएम मोदी ने वीआईपी कल्चर को खत्म करने के लिए लालबत्ती लगाने पर रोक लगा दी है। यह नियम 1 मई से लागू से होगा। इस खबर के बारे में पूरा विरण जानने के लिए यह खबर पढ़ें।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अब लालबत्ती का इस्तेमाल नहीं करेंगे और न ही कोई मंत्री। दरअसल 1 मई से अधिकारियों, मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और जजों को अपनी कारों पर लालबत्ती इस्तेमाल करने पर प्रतिबंधित कर दिया गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अपनी खुद की कार से लालबत्ती हटाने के बाद ये जानकारी दी। इसका एक सांकेतिक महत्व भी है। 1 मई को मजदूर दिवस है। इसलिए इस दिन मोदी सरकार यह संदेश देना चाहती है कि उसके मंत्री वीआईपी कल्चर से दूर रहेंगे।

इस बारे में ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर नितिन गडकरी का कहना है कि जो भी इस निुयम का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। इस निर्णय से जनता में नेताओं की छवि सुधरेगी। राजनेताओं की सभी नेताओं को सब लोगों को एक जैसा दिखना चाहिए।

 

 

इस नियम के तहत अब सिर्फ एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस जैसी इमरजेंसी सेवाओं में लगी गाडियां ही नीली बत्ती का इस्तेमाल कर सकेंगी। यह फैसला खुद प्रधानमंत्री मोदी ने लिया और इसके बारे में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में जानकारी दी।

इस फैसले को लागू करने के लिए सेन्ट्रल मोटर वेहिकल रूल 1989 में बदलाव किया जाएगा। इसी नियम के तहत केंद्र सरकार और राज्य सरकारें वीआईपी को गाडियों के ऊपर लाल और नीली बत्ती लगाने की अनुमति देती हैं।

इस फैसले को लेते हुए मोदी ने मोटर वेहिकल रूल से इन लाइनों को ही खत्म कर दिया यानि केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के उस पावर को ही खत्म कर दिया गया है, जिसके तहत वीआईपी को लाल बत्ती लगाने की अनुमति दी जाती थी।

उधर प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा और गिरिराज सिंह ने इस फैसले का स्वागत करते हुए लाल बत्ती हटाते हुए देखे गए। इस बाबत केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि बहुत समय से VIP कल्चर खत्म करने को लेकर बार-बार बातें होती रही हैं और खास तौर से जब से मोदी सरकार आई है तब से लाल बत्ती हटाने को लेकर के बातचीत हुई चर्चा हुई।

उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लालबत्ती हटाने का फैसला किया है। अब इमरजेंसी सर्विसेज को छोड़कर कोई भी नेता, कोई भी VIP लाल बत्ती नहीं लगा पाएगा। पीएमओ के हवाले से कहा गया कि यह मामला डेढ़ साल से लंबित था।

गौरलतब है कि पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ लालबत्ती का इस्तेमाल पहले ही छोड़ चुके हैं। पहले संवैधानिक पदों पर बैठे 5 लोगों को ही इसके इस्तेमाल का अधिकार हो. इन पांच में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और लोकसभा स्पीकर शामिल हों, हालांकि पीएम ने किसी को भी रियायत न देने का फैसला किया।

आप नीचे की इमेज गैलरी में बीएमडब्लू की तीन शानदार मॉडल की तस्वीरों का अवलोकन कर सकते हैं।

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Story first published: Wednesday, April 19, 2017, 18:49 [IST]
English summary
The government has asked all VIPs, excluding the President, Vice President, Prime Minister, Chief Justice of India, and the Speaker of Lok Sabha, to lose the red beacon atop cars. The rule also excludes emergency services vehicles like ambulances, fire trucks, police, and the army.
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