एफ1 टीमों के लिए 2018 से हर हाल में हैलो कॉकपिट सुरक्षा ड्राइवर्स को देना होगा अनिवार्य

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फॉर्मूला वन टीमें ड्राइवर सुरक्षा को और भी पुख़्ता करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। वे नए पार्ट के साथ कारों को टेस्ट कर रहे हैं। हाल ही में कुछ एफ 1 आॅफिशियल्स ने यह तय किया है कि फॉर्मूला वन में रेसिंग के दौरान वाहन के ड्राइवर को सिर पर हेल्मेट पहनना ज़रूरी होगा।

'हैलो' की तरह दिखने वाला कंपोनेंट एक विकल्प है सुरक्षा मुद्दे को सॉल्व करने का। इससे पहले फॉर्मूला वन की रणनीति बनाने वाले समूह ने तय किया था कि हैलो को कॉकपिट पर लगाया जाएगा और निर्णय को 2017 से लागू करने पर सहमति बनी थी।

उन्होंने अब निर्णय लिया है कि ज्यादातर टीमें इस तकनीक को 2017 फॉर्मूला वन सीज़न से पहले तैयार कर पाने में सक्षम नहीं होंगी।

हालांकि, हैलो का डेवलपमेंट चलता रहेगा और यह 2018 से सभी टीमों के लिए अनिवार्य भी होगी। सुरक्षा प्राथमिकता है और हैलो फॉर्मूला वन रेसिंग का भविष्य हैं। कॉकपिट कई बार साथ नहीं देती और एक्सिडेंट होन पर ड्राइवर को कई चोटें आ जाती हैं।

आॅफिशियल्स हैलो कॉकपिट प्रोटेक्टर के आइडिया को छोड़ भी सकते हैं अगर भविष्य से इससे भी बेहतर कोई विकल्प आता है। कुछ लोगों का विश्वास है कि एयरो स्क्रीन को भी लगाया जा सकता है।

फॉर्मूला वन टीमों के पास ड्राइवर्स की कॉकपिट को पहले से ज्यादा सुरक्षित करने के लिए 2016 और 2017 ही हैं।

कई फॉर्मूला वन ड्राइवर्स हैलो सुरक्षा को लागू करने के लिए ज़ोर दे रहे हैं। कॉकपिट और ड्राइवर्स की सुरक्षा के लिए इसे तब से और भी ज़रूरी माना जाने लगा है जबसे जुलेस बियांची, हेनरी सुर्टीस और जस्टिन विल्सन आदि ड्राइवर्स हादसों का शिकार हो चुक हैं।

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English summary
Formula One teams have been constantly testing out the new parts that would improve driver safety. Recently, officials decided that Formula One vehicles should have protection over the helmet for drivers. A 'Halo' like component is the most likely option to solve the protection issue.
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