आपको यह पढ़कर थोड़ा अजीब जरुर लग रहा होगा कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है। भला बगैर ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाने की अनुमति कैसे मिल सकती है। लेकिन यदि जानकारों की माने तो निकट भविष्य में ऐसा हो सकता है। दुनिया भर में कोई भी ऐसा मुल्क नहीं हैं जहां पर बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने की अनुमति दी जाये। लेकिन इस समय अमेरिका के ऑटोमोबाइल जगत के वैज्ञानिकों का एक दल एक ऐसे प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है जिसके कारण चालक को ड्राइविंग लाइसेंस की जरुरत ही नहीं पड़ेगी।
आप सोच रहें होंगे कि आखिर ऐसी कौन सी तकनीकी है जिससे की चालक को गाड़ी चलाने के लिए लाइसेंस की ही जरुरत न हो। आइये हम आपको बतातें हैं, इस समय दुनिया की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी जनरल मोटर्स की सब ब्रांड कैडिलैक ऑटोनोमास कारों का उत्पादन बढ़ाने की योजना बना रही है। इस तकनीकी में कार ड्राइविंग के लिए चालक की जरुरत नहीं होगी।
ये कारें सेल्फ ड्राइविंग मोड में सड़क पर फर्राटा भरती नजर आयेंगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार दुनिया भर में एक से बढ़कर एक शानदार कारों को पेश करने वाली जर्मनी की वाहन निर्माता कंपनी ऑडी, बीएमडब्लू भी इसी तकनीकी पर तेजी से काम कर रहें है। उम्मीद की जा रही है कि सेल्फ ड्राइविंग तकनीकी से लैस यह कारें आगामी 2015 तक दुनिया भर की सड़कों पर फर्राटा भरती नजर आयेंगी।
इतना ही नहीं इस तकनीकी पर गूगल भी काम कर रही है और गूगल दुनिया की पहली ऐसी कंपनी है जिसे ड्राइवरलेस कारों के निमार्ण के लिए लाइसेंस भी प्राप्त हो गया है। हाल ही में गूगल ने इस तकनीकी का परीक्षण टोयोटा की बेहतरी कार प्रायस में किया है। चूकिं इन कारों को चलाने के लिए चालक की जरूरत नहीं होगी जिसके कारण ड्राइविंग लाइसेंस की भी कोई जरूरत नहीं होगी।
कैसे काम करेगी यह तकनीकी:
गौरतलब हो कि यह कारें एक दूसरे से लगभग 16 से 50 फीट तक की दूरी बना सकती है। यानी कि औसतन तीनों कारें के बीच में लगभग 20 फीट का अंतर रखकर इन्हे आसानी से ऑपरेट किया जा सकता है। आपको बता दें कि इस तरह की तकनीकी का सबसे ज्यादा प्रयोग उन जगहों पर किया जा सकता है जहां पर बड़े-बड़े नेता और सेलिब्रिटी आदि अपने दौरे पर निकले है।






















