इस समय बॉलीवुड में फेरारी की सवारी ने अपने रफ्तार से सबकों चौंका दिया है। जी हां बॉलीवुड में यह दूसर बार है जब किसी कार को केंद्रित कर फिल्म का निमार्ण किया गया है। इस फिल्म की पुरी कहानी एक लाल रंग की फेरारी कार के इर्द-गिर्द बुनी गई है। जैसा कि फिल्म के टाइटल से ही यह साफ हो जा रहा है कि, इस फिल्म का सफर फेरारी की सवारी से ही पूरी की गई है।
आपको बता दें कि इस फिल्म का निर्देशन राजेश मापुस्कर ने की है और विधु विनोद चोपड़ा इसके निर्माता है। इस फिल्म में बतौर मुख्य अभिनेमा शरमन जोशी ने किया है। यदि फिल्म के कहानी पर गौर करें तो शरमन जोशी एक सरकारी कार्यालय में बतौर कलर्क कार्य करता और बेहद ही सीधा और सादगी पसंद इंसान है। इस फिल्म में शरमन का एक बेटा भी है जिसे क्रिकेट से बहुत लगाव है।
शरमन अपने बेटे की हर इच्छा को पूरी करना चाहतें है इसके लिए वो अपने मालिक की शानदार कार फेरारी को बगैर उसे बतायें अपने घर लेकर आ जातें है। इसी के साथ शुरू हो जाती है फेरारी की सवारी। आपको बता दें कि इटली की प्रमुख स्पोर्ट कार निर्माता कंपनी फेरारी ने इसी वर्ष देश में अपना पहला शोरूम शुरू किया है। इसके पूर्व जो भी फेरारी कार देश की सड़कों पर फर्राटा भरती थी वो इम्पोर्ट करके लाई जाती थी।
इस फिल्म में प्रयोग की गई रेड फेरारी के पिछे भी एक दिलचस्प कहानी है। इस फिल्म में प्रयोग की कई कार क्रिकेट जगत के महान भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर की है। जिसे सचिन से मांग कर इस फिल्म में प्रयोग किया गया है। जैसा कि हम सभी जानतें है कि फेरारी की कारें बेहद ही महंगी कीमत की होती है लेकिन अपने बच्चे के शौक के लिए एक मध्यम वर्गीय पिता ये भी जोखिम उठा लेता है।






















