महिंद्रा गस्टो बनाम होंडा एक्टिवा 3जी: स्कूटर शूटआउट

Written by: Radhika Thakur

शहरों में घूमने के लिए स्कूटर बहुत अच्छा वाहन है। इनमें अच्छी शक्ति होती है, ईंधन के मामले में किफायती होती हैं तथा इन्हें हैंडल करना आसान होता है। परन्तु ये सभी चीज़े बदल गई जब होंडा ने एक्टिवा लॉन्च की।

होंडा एक्टिवा की शक्ति प्रभावशाली है, किफायती है तथा बाज़ार में इसके प्रतियोगियों की तुलना में इसे आसानी से हैंडल किया जा सकता है तथा इस की सवारी करना आनंददायक होता है। एक्टिवा जो महज़ एक स्कूटर है, ने बाज़ार से इसकी प्रतियोगिता को ख़त्म कर दिया है तथा अब यह मोटरसाइकिलों से भी आगे निकल रही है।

अन्य स्कूटर निर्माताओं को इससे बड़ा झटका लगा है या कहें कि इससे उनकी जेब पर असर पड़ा है। वे बाज़ार में होंडा एक्टिवा से आगे बढ़ने के लिए बहुत कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

हाल ही में होंडा ने 110 सीसी खंड में एक्टिवा का नया 3जी वेरियंट लांच किया तथा इस कारण प्रतियोगिता बढ़ गयी। हाल ही में महिन्‍द्रा ने एक्टिवा से सीधी प्रतियोगिता करने के लिए भारत में गस्टो लांच की।

अत: इनकी सीधी लड़ाई में कौन अधिक अच्छा बनकर उभरेगा? यह जानने के लिए महिन्‍द्रा गस्टो और होंडा एक्टिवा 3जी के बीच हमारा तुलनात्मक अध्ययन पढ़ें:

वाहन जिनका परीक्षण किया गया:

महिन्‍द्रा गस्टो वीएक्स
कीमत: रूपये 57,152 (ऑन रोड बेंगलुरु)

होंडा एक्टिवा 3जी
कीमत: रूपये 58,739 (ऑन रोड बेंगलुरु)

महिन्‍द्रा गस्टो:

महिन्‍द्रा गस्टो 2014 में लांच हुई थी जिसका उद्देश्य इस खंड में एक्टिवा को पीछे छोड़कर बाज़ार में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करना था। इसे मूल रूप महिन्‍द्रा ने बनाया तथा शब्द ‘गस्टो' की उत्पत्ति हवा के झोंकें से हुई है।

डिज़ाइन:

महिन्‍द्रा गस्टो और एक्टिवा की स्टाइल अलग है। एक्टिवा की तुलना में गस्टो अधिक विस्तृत है। होंडा एक्टिवा की सुंदरता की तुलना में गस्टो का डिज़ाइन बक्सानुमा है।

महिन्‍द्रा गस्टो की शैली पीछे से बिलकुल अलग है। पीछे आयताकार टेल लैम्प लगा हुआ है जिस पर महिन्‍द्रा लिखा हुआ है जिससे यदि आप इसका पीछा कर रहे हों तो आपको इसे पहचानने में आसानी हो। एक्टिवा का पिछला भाग गोलाकार है जिसमें इतने सालों में कुछ ख़ास परिवर्तन नहीं हुआ है। गस्टो में पीछे लगा हुआ नंबर प्लेट होल्डर भी बहुत आकर्षक है।

माइलेज:

विभिन्न परिस्थितियों के दौरान जैसे अधिक ट्रैफिक के समय, गाँव की सड़कों पर, घुमावदार सड़कों तथा हाइवे पर एक्टिवा का माइलेज 40 केपीएल है जबकि गस्टो का 30 केपीएल है।

पावर डिलीवरी:

एक्टिवा की तुलना में गस्टो का इंजन उतना परिष्कृत नहीं है तथा इसकी क्षमता 80 किमी/घंटा है परंतु यह कम और मध्यम श्रेणी की शक्ति प्रदान करता है। दूसरी ओर होंडा का इंजन सरल, प्रतिक्रियात्मक है जो 50 से 60 किमी/घंटे की गति से थोड़ा सुस्त लगता है हालाँकि यह 95 किमी/घंटा की क्षमता तक जा सकता है।

सवारी और हैंडलिंग:

एक्टिवा का ग्राउंड क्लियरेंस 153 एमएम है जो गस्टो की तुलना में कम होने पर भी अधिक अच्छा है जबकि गस्टो का ग्राउंड क्लियरेंस 165 एमएम होने पर भी तीखे मोड़ पर इस की बॉडी के नीचे के पार्ट्स जैसे सेंटर स्टैंड और एग्ज़ास्ट ज़मीन को छूते हैं। एक्टिवा को मोड़ना आसान है क्योंकि इसका वज़न केवल 108 किग्रा. है जबकि गस्टो का वज़न 120 किग्रा. है। एक्टिवा का सस्पेंशन सेटअप भी अच्छा है।

व्हील्स और सस्पेंशन:

गस्टो में 12 इंच के तथा एक्टिवा में 10 इंच के व्हील लगे हुए हैं। हालाँकि बड़े पहियों पर दौड़ने के कारण और आगे की ओर स्पोर्टिंग टेलेस्कोपिक सस्पेंशन होने के कारण सवार को हैंडलबार के माध्यम से सड़क की खराबियों के बारे में पता चल जाता है। पीछे का सस्पेंशन भी थोडा हार्ड है। एक्टिवा के छोटे पहिये तथा स्प्रिंग लोडेड हाइड्रोलिक फ्रंट सस्पेंशन सड़क के उभारों को अवशोषित करने में सहायक होता है।

बैठने की व्यवस्था और आराम:

यद्यपि गस्टो की सीट इस प्रकार बनाई गयी है कि शहरों में चलाने में आरामदायक हो तथा सीट की ऊंचाई 35 एमएम तक एडजेस्टेबल है जो ऊँचे और कम ऊंचाई वाले दोनों तरह के सवारों के लिए उपयुक्त है। आराम के मामले में एक्टिवा की सीट कहीं आगे है। यह चौड़ी और नरम है। इस बात को ध्यान में रखना तब आवश्यक हो जाता है जब मोटरसाइकिल से शहर से बाहर भी जाना पड़ता है।

एक्टिवा की तुलना में गस्टो का हैंडल बार चौड़ा है परन्तु यह आरामदायक नहीं है। हैंडलबार को थोडा सा अंदर की ओर होना चाहिए तथा ऊंची सीट पर बैठने की आदत होने के बावजूद कंधे में दर्द की समस्या आ सकती है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। एक्टिवा का हैंडल बार अच्छी स्थिति में लगा हुआ है।

ब्रेक्स:

महिन्‍द्रा गस्टो की ब्रेकिंग बहुत तीव्र है परन्तु जैसे ही इन्हें पकड़ा जाता है ब्रेक अलग अलग हो जाते हैं। दूसरी ओर होंडा में कंबाइंड ब्रेकिंग सिस्टम (सीबीएस) है जो थोड़ी स्पंजी हैं।

कंबाइंड ब्रेकिंग सिस्टम (सीबीएस) जिसे लिंक्ड ब्रेकिंग सिस्टम (एलबीएस) भी कहा जाता है, एक ऐसा सिस्टम है जो आगे और पीछे के ब्रेक्स को जोड़ता है। यह वास्तव में ऐसे सवारों के लिए बनाया जाता है जो ब्रेक का अच्छी तरह से उपयोग करना नहीं जानते। कुशल सवारों के लिए एक्टिवा के लिंक ब्रेक्स का कोई उपयोग नहीं है बल्कि इससे उन्हें परेशानी होती है। कंबाइंड ब्रेकिंग सिस्टम से आपकी योग्यता सीमित हो जाती है क्योंकि आप सतह पर एक ही ब्रेक का उपयोग कर सकते हैं जैसे ढीली बजरी/गीली घास या कम गति में।

इंस्ट्रुमेंटेशन और स्विच गियर:

इस क्षेत्र में गस्टो में कुछ सुधार करना होगा। इसका इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर बहुत छोटा है। फ्यूल गेज (ईंधन मापक) और मुड़ने के संकेतक को बहुत ही ख़राब तरीके से लगाया गया है जिससे इसे पढ़ने में कठिनाई होती है। फ्यूल गेज को पढ़ने के लिए गाड़ी चलाने वाले को अपना ध्यान थोड़ा कम करना पड़ता है। एक्टिवा में एक बड़ा इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर लगा हुआ है जो पढ़ने में आसान है।

दोनों स्कूटरों में स्विच गियर व्यावहारिक तौर पर एक जैसे हैं तथा अच्छे हैं। दाहिनी ओर स्टार्टर स्विच लगा हुआ है जबकि बाईं ओर हाई/लो बीम, हॉर्न तथा इंडीकेटर को नियंत्रित करने वाले स्विच हैं। दोनों स्कूटरों में कंट्रोल्स का एहसास और उपयोग बहुत अच्छा है।

हेडलाइट:

जब अँधेरे में गाड़ी चलाने की बात आती है तो गस्टो अधिक अच्छी है। एक्टिवा की तुलना में गस्टो के हेडलाइट अधिक अच्छी रोशनी देते हैं। गस्टो में हाई/लो दोनों बीम अच्छे से केन्द्रित की गयी हैं जो हाइवे पर तथा चौराहों पर बहुत अधिक महत्वपूर्ण होता है। एक्टिवा में अधिक हेडलाइट बीम थ्रो और बेहतर फोकसिंग की आवश्यकता है।

सीट के नीचे पहुँच:

एक्टिवा की सीट आगे की ओर से बड़ी है तथा पीछे की ओर से खुलती है जिससे आप स्टोरेज स्पेस और फ्यूल टैंक तक पहुँच सकते हैं। गस्टो की सीट आगे से खुलती है जिससे स्टोरेज स्पेस और फ्यूल टैंक तक पहुंचा जा सकता है। एक साधारण तकनीक द्वारा इसमें सीट को खड़ा रखा जा सकता है ताकि यह आपके हाथ पर जोर से आकर न गिरे। यह एक बहुत ही स्मार्ट और अच्छी पहल है।

स्टोरेज:

इसमें भी महिन्‍द्रा को सुधार करना होगा। सीट के नीचे के स्टोरेज क्षेत्र में हेलमेट भी ठीक तरह से नहीं आता। एक्टिवा में स्टोरेज की जगह बहुत बड़ी है तथा इसमें बड़ी ही सफ़ाई से खांचे बने हुए हैं जिसमें आप गाड़ी के दस्तावेज़ तथा सबसे अधिक महत्वपूर्ण गाड़ी की टूल किट रख सकते हैं। महिन्‍द्रा ने गस्टो की सीट के नीचे के स्टोरेज क्षेत्र के बारे में कोई खुलासा नहीं किया है जबकि एक्टिवा की स्टोरेज क्षमता 18 लीटर की है।

गस्टो में आगे की ओर का स्टोरेज एक्टिवा की तरह ही है। इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के नीचे एक छोटा पॉकेट दिया गया है जिसे और अधिक अच्छा बनाया जा सकता था क्योंकि बहुत अधिक धूल भरी परिस्थितियों में इस पर अधिक धूल बैठ सकती है। बंद या लॉक किया जा सकने वाला स्टोरेज अच्छा विकल्प था।

पकड़ने वाला हैंडल:

गस्टो में पकड़ने के लिए बड़ा हैंडल लगा हुआ है जो गाड़ी को पकड़ने में या गाड़ी को साइड स्टैंड पर लगाते समय बहुत सहायक होता है। एक्टिवा में छोटा हैंडल है जिसे पकड़ना बड़े हाथ वाले लोगों के लिए कठिन होता है।

कुछ अच्छा कुछ बुरा: गस्टो

गस्टो के पिछले भाग का डिज़ाइन अच्छा बनाया गया है। इसमें सीट की ऊंचाई को एडजेस्ट किया जा सकता है जो इसका बहुत अच्छा गुण है तथा इसके ब्रेक भी बहुत अच्छे हैं। पीछे पकड़ने वाले हैंडल का आकार भी बहुत अच्छा है तथा रियर व्यू मिरर से आप अच्छी तरह से देख सकते हैं कि आपके पीछे क्या हो रहा है। साथ ही साथ हेडलाइट की सहायता से आप अँधेरे में भी अच्छे से देख सकते हैं। किक भी आगे की ओर मुख की हुई है जिससे आप बैठकर भी आसानी से इसे स्टार्ट कर सकते हैं।

कुछ अच्छा कुछ बुरा: गस्टो

गस्टो में दोष इंजन से ही शुरू होता है जो अपने प्रतियोगी की तुलना में कम सहज है। साइड स्टैंड का डिज़ाइन अच्छा नहीं बनाया गया जिसके कारण रास्ता असमान होने पर गाड़ी के गिरने का ख़तरा रहता है। स्टोरेज स्पेस भी पर्याप्त नहीं है तथा इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, हैंडल बार और सीट फोम को अधिक अच्छा बनाया जा सकता था।

कुछ अच्छा कुछ बुरा: एक्टिवा

एक्टिवा का डिज़ाइन ज़्यादा अच्छा है। इस पर आरामदायक तरीके से बैठा जा सकता है तथा इसे आसानी से चलाया भी जा सकता है जबकि इसका शांत, प्रतिक्रियात्मक ईंधन किफायती इंजन इसे एक आनंददायक सवारी बनाता है। आगे बने हुए इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर को आसानी से पढ़ा जा सकता है तथा सीट के नीचे स्टोरेज की जगह भी बहुत है।

कुछ अच्छा कुछ बुरा: एक्टिवा

एक्टिवा में पीछे पकड़ने वाले हैंडल के डिज़ाइन को तथा रियर व्यू मिरर को अधिक आकर्षक बनाया जा सकता था क्योंकि इसके कारण पीछे आने वाले वाहनों को देखने में थोड़ी परेशानी होती है।

निर्णय:

निश्चित रूप से महिन्‍द्रा गस्टो एक अच्छी भेंट है। सीट एडजेस्टमेंट एक नई पहल है। परन्तु एक्टिवा ने अपने सभी प्रतियोगियों को पीछे छोड़ दिया है तथा अब यह मोटरसाइकिलों से प्रतियोगिता कर रही है-यह एक बहुत अच्छी स्कूटर है। तो यदि पैसे की पूरी कीमत की बात आती है तो एक्टिवा सर्वोत्तम है, हालाँकि गस्टो भी महिन्‍द्रा द्वारा किया गया एक सराहनीय प्रयास है।

तकनीकी वर्णन:

महिन्‍द्रा गस्टो:

  • 109.6 सीसी, एयर कूल्ड
  • 8 बीएचपी @ 7500 आरपीएम
  • 9 एनएम @ 5500 आरपीएम

होंडा एक्टिवा 3जी:

  • 109.2 सीसी, एयर कूल्ड
  • 8 बीएचपी @ 7500 आरपीएम
  • 8.83 एनएम@ 5500 आरपीएम

परदे के पीछे:

धुंधले बरसात के दिनों में प्रकाश कम होना एक समस्या होती है। परन्तु उचित समय के इंतज़ार में मज़ा कहाँ आता है।

शटर स्पीड, छिद्र, आईएसओ.....इसे सही लें!

परदे के पीछे:

मुझे लगता है कि मुझे यह मिल गया। नहीं क्या तुम्हें मिला? शायद दूसरा शॉट?

परदे के पीछे:

हाँ! यह ठीक एंगल है!

परदे के पीछे:

संपादक चीखे... ट्रेन आ रही है, शांत बैठे और इंजीनियर पर विश्वास रखें! हमें यह शॉट चाहिए।

Story first published: Thursday, April 30, 2015, 11:45 [IST]
English summary
Compare Mahindra Gusto vs Honda Activa 3G. A brief comparison of Mahindra Gusto vs Honda Activa 3G prices, mileage, features, specs and more.
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