बाइक रिव्यूः इंडियन स्काउट सिक्टी के साथ स्काउटिंग के 60 घंटे

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चूंकि मैं क्रूज़र्स का प्रशंसक नहीं हूं। इसलिए इंडियन स्काउट सिक्स्टी के स्काउटिंग को लेकर बहुत ज्यादा उत्साहित नहीं था। फिर भी जब यह शक्तिशाली बाइक आ गई तो मैने कहा ट्राई करने में कोई हर्ज नहीं है। इसलिए मैने इस बाइक के साथ 60 घंटे बिताने का फैसला किया और जब मैने इसे चलाया तब समझ में आया कि मेरा इस बाइक को लेकर जो धारणा थी वह गलत थी।

पहली नजर में

जैसा कि मैने पहले बताया यह बाइक मुझे बिल्कुल पसंद नहीं थी। इसलिए मैने तो नहीं चलाया था, लेकिन मेरे दोस्तों के बीच क्रुजर बाइक काफी पॉपुलर है। मैने भी जब इस बाइक की सवारी की तो मेरे अंदर का बच्चा जाग उठा और पहली ही नजर में मुझे इस बाइक की लाइट, तेजी और स्थिरता काफी पसंद आई।

इसकी 642 मिमी की सीट की ऊंचाई ने मेरे अंदर आत्मविश्वास को पैदा किया और पैर रखने के लिए जो विस्तार मिला वह सराहनीय रहा। हालांकि, छोटे ड्राइवरों के लिए यह बाइक बड़ी हो सकती है और उन्हें और आगे जाकर ड्राइविंग करनी पड़ सकती है। लेकिन इसका व्यापक अंदाज आपको परेशानी में नहीं पड़ने देता है।

Taking routeb

चूंकि बाइक पर बैठते ही मेरे अंदर का बच्चा जाग उठा तो मैने भी समय को बिना बर्बाद किए इस बाइक को लेकर निकल गया। इसके साथ ड्राइविंग करने के लिए मेने होर्स्ली हिल्स जो कि चित्तूर (आंध्र प्रदेश) के तालुक मदनपल्ली में स्थित का रास्ता चपना। होर्स्ली हिल्स समुद्र तल से 1,265 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह सुरम्य गांव बैंगलोर शहर से 150 किमी और चेन्नई से 274 किमी की दूरी पर स्थित है।

हमने बेंगलुरु से अपनी सवारी को स्टार्ट किया। यहां हमने पहले ठीक ठाक रास्तों का सामना किया लेकिन शहर से बाहर होते ही हमें मुश्किल में डालने वाले रास्तों का सामना करना पड़ा। बाद में पहली बार हमने बाइक को जाकर पहाड़ी के पास रोका।

फ्लेक्स इंजन

इंडियन स्काउट सिक्टी के कैरेक्टर का मेरे उपर बहुत असर हुआ। विशेष रूप से इस बाइक का 999 सीसी वाला वी-ट्विन इंजन आपको थ्रौटल को मोड़ने के लिए प्रोत्साहित करती है। भारतीय स्काउट सिक्स्टी मौजूदा 1133 सीसी भारतीय स्काउट मॉडल पर आधारित है। स्काउट सिक्स्टी के इंजन को 999 सी तक घटाया गया है जो 78bhp और 88.8 एनएम टॉर्क उत्पन्न करता है।

अपने शानदार बनावट के कारण भारतीय स्काउट सिक्स्टी सम्मान के काबिल है। सीमित रियर संस्पेंशन टूरिज्म के बावजूद सिक्स्टी में विश्वसनीय ब्रेक वाली शक्ति के साथ एक अच्छी तरह संस्पेंशन सवारी प्राप्त होती है। हालांकि,हड़बड़ी में चलाते समय सावधान रहें। यह थोड़ा आपको समस्या में डाल सकती है।

999 सीसी इंजन पांच गति वाले गियरबॉक्स और वायर ईंधन-इंजेक्शन प्रणाली के साथ सिर्फ 2000 आरपीए में अच्छा टॉर्क प्रोड्यूज होता है और 120 किलोवाट तक चला जाता है। 4,500 गियर में 5500 से 8100-आरपीएम रेडलाइन की शक्ति में अचानक बढ़ोतरी और एक निस्तारण निलंबन सेटअप, तेज गति वाले मध्य कोनों पर हमला करते हुए सिक्स्टी और भी शानदार हो जाती है। इसके अतिरिक्त, 16 इंच का फ्रंट टायर एक फ्लोटी अनुभव प्रदान करता है।

इस सीट को देखते हुए आगे बढ़िए

मूल्य: 14 लाख रुपये सड़क पर
ईंधन टैंक क्षमता: 12.5 लीटर
माइलेज: 15 किलोलीटर (अनुमानित)
ईंधन टैंक रेंज: 200 किमी (अनुमानित)
पॉवर / टॉर्क: 78bhp @ 7300rpm / 88.8nm @ 5800 आरपीएम शीर्ष गति: 180 किमी (अनुमानित)

अंत में

स्काउट सिक्स्टी की शानदार सवारी ने मेरे पिछले भ्रम को तोड़ने में सफल हुआ और इसके दो स्ट्रोक मेरे जैसे स्पोर्ट्स बाइक प्रेमी के लिए एक सबक की तरह है। आपको बता दें कि 1901 में स्थापित इस अमेरिकी मोटरसाइकिल को भारतीय मोटर साइकिल को हाथों हाथ लिया जा सकता है। अभी अगर आप किसी क्रूजर को खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो यह बाइक एक शानदार ब्रांड का भी विकल्प भी आपको दे रही है। अगर आप किसी शानदार क्रुजर की तलाश में है तो सिक्स्टी आपके लिए एक बेहतर विक्लप है।

Jobo Kuruvilla Thinks!

इंडियन स्काउट सिक्स्टी की सवारी एक विस्तृत श्रृंखला की बाइख को खरीदने के लिए आपसे अपील करेगी। सुरक्षा यात्रा के बारे में भी इस बाइक ने मेरी राय को बदल दी है। इसलिए अगर आपको मेरी बात पर यकीन ना हो तो खुद एक दिन इस बाइक को उठाइए और सुबह से लेकर शाम तक कहीं घूम आइए आपको खुद यकीन हो जाएगा कि यह क्यों आपके हिसाब की बाइक है।

क्या आप जानते हैं..

इंडियन स्काउट सिक्स्टी एक अमेरिकन तकनीक है। जो इंडियन मोटरसाइकिल के नाम से भारत में अपनी बाइक का निर्माण करती है। 1887 में स्थापित हेन्डी मैन्युफैक्चरिंग नाम की यह कंपनी कई बदवालों से गुजरी और 1901 से गैसोलीन इंजन संचालित साइकिलों का निर्माण करना शउरू किया। इसके बाद यह 1928 में भारत के लिए प्राथमिक ब्रांड बन गया।

स्वामित्व:

इंडियन मोटरसाइकिल विनिर्माण कंपनी दिवालिया हो गई और 19 53 में कामकाज समाप्त हो गई। लेकिन इसे दोबारा विभिन्न संगठनों ने सीमित सफलता के साथ ब्रांड को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया। 2011 में, स्नोमोबाइल के एक निर्माता पोलारिस इंडस्ट्रीज, ऑफ-रोड वाहन (ओआरवी) और छोटे इलेक्ट्रिक पावर वाले वाहनों ने इंडियन मोटरसाइकिल का अधिग्रहण किया। 2014 में, पोलारिस इंडिया ने भारत में इंडियन मोटरसाइकिल ब्रांच का शुभारंभ किया।

इंडियन मोटरसाइकिल और रॉयल एनफील्ड:

1955 में भारतीय मोटरसाइकिल विनिर्माण कंपनी ने अपना काम बंद कर दिया, 19 55 में ब्रॉकहाउस इंजीनियरिंग ने 1 9 55 में भारतीय मोटरसाइकिल के अधिकारों को खरीदा और 1960 तक भारतीय मोटरसाइकिल के रूप में ब्रांडेड रॉयल एनफील्ड मॉडल बेचा और इसी के साथ स्काउटिंग की भी शुरूआत हुई।

English summary
The lightness and low 642mm seat height readily instil confidence. The Scout Sixty has an upright relaxed riding position with proper leg extension, which is comfortable for a 5-foot-10 rider like me.
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